जिला अस्पताल के आइसीयू में वृद्धा के शव से सोने की चेन चोरी होने का मामला सामने आया है। मृतिका पंधाना एसडीएम आरती सिंह की सास है। करीब 80 हजार रुपये की तीन तोला सोने की चेन चोरी जाने पर मोघट पुलिस द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर चोर की तलाश की जा रही है। घटना 12 दिन पुरानी है। जिला अस्पताल के आइसीयू वार्ड में सोने की चेन चोरी हो जाने की घटना से हड़कंप मचा हुआ है। इस घटना के सामने आने के बाद से जिला अस्पताल और आइसीयू की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मी और सुरक्षा गार्ड के मौजूद रहने के बाद भी इस तरह की घटना हो जाने से मरीजों में भय बढ़ गया है। विदित हो कि पंधाना एसडीएम आरती सिंह ने 11 फरवरी को रात करीब 10 बजे अपनी सास 60 वर्षीय चंद्रावती पटेल को जिला अस्पताल के आइसीयू वार्ड में भर्ती किया था। उनकी तबीयत गंभीर बनी हुई थी। कुछ घंटे आइसीयू में भर्ती रहने के बाद उनकी मौत हो गई। शव आइसीयू वार्ड में रखा था। स्वजन के पहुंचने से पहले मृतिका के गले से अज्ञात व्यक्ति ने सोने की चेन चुरा ली। शोकाकुल परिवार को कुछ दिन बाद इस बात का आभास हुआ की भर्ती करने के दौरान गले में सोने की चेन थी, लेकिन शव घर लाने पर गले से चेन गायब थी। घटना के 12 दिन बाद पंधाना एसडीएम आरती सिंह ने मंगलवार को मोघट थाने में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। इस मामले में मोघट पुलिस ने अज्ञात चोर पर प्रकरण दर्ज किया है। नगर पुलिस अधीक्षक ललित गठरे ने बताया कि पंधाना एसडीएम की शिकायत पर अज्ञात चोर पर प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देख रहे हैं।
निजी हाथों में सुरक्षा कमानजिला अस्पताल और मेडिकल कालेज अस्पताल में सफाई व सुरक्षा का जिम्मा निजी हाथों में है। ठेकेदार के सुरक्षाकर्मियों द्वारा मरीजों के स्वजन से विवाद करने की शिकायतों के बाद मरीजों के मोबाइल और नकद राशि चोरी जाने की कई घटनाएं पूर्व में हो चुकी है। कोरोनाकाल में शवों पर से कीमती सामग्री चोरी जाने के मामले सामने आने और स्वजन की शिकायत के बाद भी जवाबदेह लोगों, सफाईकर्मी व सुरक्षाकर्मियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले बुलंद है। इसके चलते अब आइसीयू में भी मरीज सुरक्षित नहीं है जबकि यहां एक सुरक्षा कर्मी की ड्यूटी रहती है। इसके बावजूद एसडीएम जैसे अधिकारी के स्वजन के गले से सोने की चेन चोरी जाने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े रहे है। इस संबंध में सिविल सर्जन डा. ओपी जुगतावत का कहना है कि अस्पताल परिसर और वार्डों में सुरक्षाकर्मियों के अलावा सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी जाती है। यह घटना सामने आने के बाद विभिन्ना स्तरों पर पड़ताल चल रही हैं। सुरक्षा में चूक सामने आने पर संबंधित कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी।




