एक तरफ शासन दावा कर रहा है कि शत प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य हासिल करने के लिए जमकर प्रयास किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ किशोरों के टीकाकरण के लिए टीके ही उपलब्ध नहीं हैं। बुधवार को स्कूलों में टीकाकरण बंद रहेगा क्योंकि टीके ही नहीं हैं।
जिले में एक लाख से ज्यादा किशोर हैं जिन्हें कोरोना का दूसरा टीका लगाया जाना है लेकिन किशोरों का टीकाकरण अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। 31 जनवरी से 15 से 17 आयु वर्ग के किशोरों को दूसरा टीका लगना शुरू हुआ है लेकिन न इसका कोई प्रचार-प्रसार किया गया न ही रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर मैसेज भेजे गए। यही वजह है कि दो दिन में दस हजार किशोर भी दूसरा टीका लगवाने टीकाकरण केंद्रों पर नहीं पहुंचे जबकि पात्रता एक लाख से ज्यादा ने हासिल कर ली है।
तीन जनवरी से पूरे देश में 15 से 17 आयु वर्ग के किशोरों का टीकाकरण शुरू हुआ था। किशोरों को कोवैक्सीन लगाई जा रही है। किशोरों को पहले टीके के 28 दिन बाद दूसरा टीका लगाया जाना है। यानी जिन किशोरों ने तीन जनवरी को पहला टीका लगवा लिया था, उन्हें 31 जनवरी को दूसरा टीका लगाने की पात्रता आ गई। तीन जनवरी को टीकाकरण के पहले दिन जिले में 53 हजार किशोरों ने पहला टीका लगवाया लिया था। इन किशोरों को 31 जनवरी को दूसरा टीका लगाने के लिए केंद्रों पर पहुंचना था लेकिन दो दिनों में इनमें से सिर्फ 9400 किशोर ही दूसरा टीका लगवाने पहुंचे।
इधर सीएमएचओ डा.बीएस सैत्या ने एक मैसेज कर सूचना दी है कि बुधवार को टीका उपलब्ध नहीं होने की वजह से जिले की स्कूलों में किशोरों का टीकाकरण नहीं होगा।




