नगर में लंबे समय से पेयजल वितरण व्यवस्था गड़बड़ा रही है। नगर के अधिकांश वार्डों में नलों से पानी का वितरण तीन से चार दिन में हो रहा है। नल के चलने का भी कोई नियत समय नहीं है। शिकायत के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मेनरोड से लगे वार्ड 9 में तीन-चार दिन बाद सोमवार को मात्र दस मिनट नल चले थे। पेयजल को लेकर प्रमुख व्यवसायी रामगोपाल वेद व वार्डवासियों की नगर परिषद के स्वास्थ्य निरीक्षक धर्मेंद्र उपाध्याय से बहस भी हो गई। इसके बाद वेद ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत भी की।
व्यवसायी वेद, ओमप्रकाश गुप्ता, रामदयाल सिसौदिया, मदनलाल मांदलिया ने कहा कि करोड़ो रुपये की चंबल जल आर्वधन योजना के बावजूद लोगों को तीन-तीन चार-चार दिन में अनियमित समय पर पेयजल मिल रही हैं। कभी दोपहर, कभी शाम को तो महज 10-15 मिनट में पेयजल वितरण हो रहा है। नियत समय नहीं होने से लोग कई बार पानी भरने से वंचित रह जाते हैं। स्वास्थ्य निरीक्षक धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि चंबल नदी स्थित मोरड़ी केंद्र पर 33 केवी विद्युत लाइन में फाल्ट होने से पेयजल वितरण नहीं हो पाया। चंबल जल आर्वधन योजना के तहत मोरड़ी में बने चंबल नदी के इंटेकवेल के यहां आए दिन कोई ना कोई तकनीकी फाल्ट, बिजली समस्या के साथ पेयजल लाइन में टूट-फूट होती रहती है। पूर्व पार्षद रइस अब्बासी ने कहा कि चंबल जल आवर्धन योजना में काफी अनियमितताएं हुई है। चंबल जल आवर्धन में जो सामग्री व पाइप बिछाए गए है वह काफी निम्न स्तर के हैं। हमने काफी विरोध किया मगर सत्तापक्ष ने चलने नही दी।




