भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत वोटर लिस्ट से नाम कटवाने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जी आपत्तियों के मामले सामने आए हैं। जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में अब तक 10 हजार फार्म-7 जमा किए जा चुके हैं। फार्म-7 वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए किसी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए कोई आपत्ति लगा सकता है। इस मामले में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि पूरी जांच के बाद ही नाम काटे जाएंगे।
इधर, शुक्रवार को विशेष रोल पर्यवेक्षक श्रुति सिंह की अध्यक्षता में जिला स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग हुई। जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से एसआईआर के संबंध में जानकारी और सुझाव लिए।
उन्होंने कहा, शुद्ध एवं पारदर्शी मतदाता सूची लोकतंत्र की रीढ़ है और यह तय करना हम सभी की जिम्मेदारी है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे। इसके लिए निर्वाचन अधिकारी, कर्मचारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मिलकर नागरिकों को जागरूक करें।
संशोधन के 47 हजार फॉर्म कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया, 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति में भोपाल जिले की 7 विधानसभा में कुल 21 लाख 25 हजार 908 मतदाताओं की सूची फ्रीज की गई थी। एसआईआर के प्रथम चरण में 2 हजार से अधिक बीएलओ ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची से लिंक के आधार पर 16 लाख 87 हजार मतदाताओं का मिलान किया। इस दौरान 1 लाख 16 हजार 925 मतदाताओं को नो-मैपिंग और 46 हजार 462 मतदाताओं को एएसडी सूची में दर्ज किया गया।
दूसरे फेज में नो-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस जारी कर भारत निर्वाचन आयोग ने निर्धारित दस्तावेजों के परीक्षण की कार्रवाई की। अब तक लगभग 32 हजार नोटिस वितरित किए जा चुके हैं। 42 हजार से अधिक प्रकरण की सुनवाई हो चुकी है और लगभग 36 हजार मतदाताओं का सत्यापन किया जा चुका है। द्वितीय चरण में फार्म-6, 7 और 8 की कार्रवाई के अंतर्गत जिले में अब तक नाम जुड़वाने के लिए 80 हजार 892 फार्म-6 और संशोधन के लिए 47 हजार 493 फार्म-8 मिले हैं।
हटाने के लिए 10 हजार 143 फॉर्म आए कलेक्टर सिंह ने बताया कि नाम विलोपन के लिए 10 हजार 143 फार्म-7 आवेदन मिले हैं। इसमें बीएलओ और एआरओ प्रत्येक प्रकरण का भौतिक सत्यापन कर आगे की कार्रवाई कर रहे हैं। बैठक में एडीएम सुमित कुमार पांडेय, उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।




