ग्वालियर में अपने ही दोस्त को धोखा देकर 42 लाख रुपए ठग कर फरार हुए आरोपी को महाराजपुरा थाना पुलिस ने शताब्दीपुरम में सिंधिया स्टैच्यू के पास से गिरफ्तार किया है। इससे पहले आरोपी कई बार चकमा दे चुका था।
इस वजह से पुलिस के दो सिपाही सिविल ड्रेस में ऑटो में सवार होकर आरोपी के घर तक पहुंचे। वह पुलिस को मोहल्ले में आया कोई मेहमान समझता रहा, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
आरोपी को चकमा देने के लिए ऑटो में सवार हुए महाराजपुरा थाना प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि सूचना मिली थी कि धोखाधड़ी में फरार आरोपी अनुराग पुत्र रंजीत चौहान निवासी शताब्दीपुरम अपने घर के पास सिंधिया स्टैच्यू के पास देखा गया है। इसका पता चलते ही महाराजपुरा थाना की एक टीम को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पहुंचाया गया।
आरोपी को पकड़ने के लिए पहुंची पुलिस उसे चकमा देने के लिए ऑटो में सवार हुई। इसके बाद जब उसके पास पहुंची तो पुलिस को देखते ही उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस पहले से ही अलर्ट थी और उसे पकड़ लिया।
आरोपी कई बार पुलिस को दे चुका था चकमा
इससे पहले भी कई बार पुलिस धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ने लिए पहुंची थी, लेकिन हर बार वह पुलिस को चकमा देकर भाग जाता था। इसलिए इस बार पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए अलग योजना बनाई। जिस समय पुलिस आरोपी के घर तक पहुंची तो वह पत्नी को रूटीन चेकअप के लिए ऑटो ही तलाश रहा था। तभी पुलिस ऑटो में सवार होकर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
रोजगार के लिए दोस्त से लिए थे 42 लाख उधार
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी ने बताया कि उसने अपने दोस्त सत्यभान सिंह राजावत से काम में आ रही परेशानियों को दूर करने के नाम पर 42 लाख रुपए उधार लिए थे। रुपए हाथ में आते ही वह फरार हो गया था। फरार होने के बाद से ही वह यूपी में रह रहा था और अभी वह गर्भवती पत्नी को दिखाने के लिए ग्वालियर आया था।इस मामले में सीएसपी नागेन्द्र सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी में फरार आरोपी को महाराजपुरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने इसी तरह से कितने लोगों को ठगा था।




