भोपाल के बाणगंगा में 12 मई को आईपीएस स्कूल की बस से डॉक्टर आयशा को कुचलने वाले ड्रायवर विशाल बैरागी को टीटी नगर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वह बैरसिया के एक गांव में छिपा था। पुलिस आरोपी को भोपाल ले आई है।
उससे पूछताछ के बाद साफ होगा कि हादसा कैसे हुआ? क्या हादसे के समय उसने शराब पी रखी थी?
बता दें, पुलिस की दो टीमें बीते दो दिनों से लगातार उसकी तलाश में जुटी थी।

इन पांच बिंदुओं पर होगी आरोपी से पूछताछ
- पुलिस आरोपी विशाल बैरागी से हादसे के समय नशे में धुत्त होकर बस चलाने को लेकर पूछताछ करेगी।
- उसके पास मौजूद लाइसेंस की तस्दीक की जाएगी, यदि हैवी लाइसेंस के बगैर बस चला रहा था तो धाराओं में इजाफा होगा।
- उससे पूछताछ की जाएगी कि हादसे के समय क्या वाकई में बस के ब्रेक फेल हुए थे।
- यदि उसे पूर्व से ही बस चलाने का एक्सपीरियंस नहीं था तो उसे बस किसने चलाने को दी।
- हादसे के समय वह कहां से चला और कहां जा रहा था।
फर्जी दस्तावेजों से बचने की कोशिश टीटी नगर थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया ने बताया कि इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की बस से हुए हादसे के बाद जब जांच शुरू हुई तो दस्तावेज खंगाले गए। इस दौरान पाया गया कि दुर्घटना के तुरंत बाद, बैकडेट में दस्तावेज तैयार किए गए। इसमें प्रवेश नागर को क्रेता और प्रदीप पांडे को विक्रेता दर्शाया गया। यह संभावना है कि दस्तावेजों में दी गई तारीख हादसे के बाद ही बनाई गई है।
पुलिस ने इसे दस्तावेजी फर्जीवाड़ा मानते हुए दोनों पर IPC की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हादसे के मुख्य आरोपी बस ड्राइवर विशाल बैरागी फिलहाल फरार है।
फिटनेस और बीमा दोनों थे एक्सपायर, RTO सस्पेंड जांच में यह भी सामने आया कि हादसे में शामिल स्कूल बस का फिटनेस नवंबर 2024 में ही खत्म हो चुका था और बीमा भी नवीनीकृत नहीं था। बस सड़क पर अवैध रूप से दौड़ाई जा रही थी। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए संभागायुक्त संदीप सिंह ने भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था।




