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जहां आदिगुरु शंकराचार्य ने की तपस्या, उसी ओंकारेश्वर में अब बनेंगी ‘ध्यान कुटी’

भोपाल(राज्य ब्यूरो)। आध्यात्मिक साधना के लिए मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के बाद अब तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में भी ध्यान कुटी बनाई जाएंगी। इसी ओंकारेश्वर में आदिगुरु शंकराचार्य ने तपस्या की थी। यहां द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग भी विराजमान हैं। शिवभक्तों के लिए यह अलौकिक स्थान है और यहां लोग साधना करने आते हैं। इसी को ध्यान में रखकर पर्यटन विभाग ध्यान कुटी बनाने की कार्ययोजना बना रहा है।

ज्ञात हो कि ध्यान कुटी की परिकल्पना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की है। 22 जनवरी 2021 को अमरकंटक के दौरे के समय उन्होंने यहां आने वाले साधकों के लिए शांत स्थान पर कुटी बनाने के निर्देश दिए थे। नर्मदा में आस्था रखने वाले श्रद्धालु यहां आकर ध्यान और पूजा-पाठ करते हैं।

अमरकंटक में कुटी बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने साढ़े सात करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है, जिस पर जल्द ही सहमति मिलने वाली है। इसके साथ ही विभाग ऐसे शांत स्थान की तलाश में जुट गया है, जहां आम लोगों की आवाजाही न हो। प्राकृतिक सुंदरता देखने को मिले और कुछ भी बनावटी (आर्टिफिशियन) न हो। विभाग ने दिसंबर 2022 तक हर हाल में कुटी का कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है। ताकि अगले साल के पहले दिन निकलने वाले सूर्य को साधक कुटी से अर्क दे सकें।

सीमेंट-कांक्रीट का इस्तेमाल नहीं

ध्यान कुटी में सीमेंट-कांक्रीट का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और न ही कुटी तक आने-जाने के लिए कृत्रिम रास्ते बनाए जाएंगे। साधकों को प्राकृतिक माहौल देने के लिए ग्रामीण मकानों की तरह मिट्टी की कुटी बनाई जाएगी। यह मजबूत और आकर्षक होंगी। इन पर प्रदेश के विभिन्न् क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली कलाकृतियों को उकेरा जाएगा। ताकि आकर्षण और बढ़ सके।

परिवार के साथ रह सकेंगे साधक

इन कुटी में साधक चाहें तो अकेले और चाहें तो परिवार के साथ कुछ समय बिता सकेंगे। इसके लिए उन्हें शुल्क भी देना पड़ेगा। शुल्क कितना होगा, यह बाद में तय किया जाएगा पर इस बात की पूरी गारंटी रहेगी कि उन्हें कुटी में रहते हुए अशांति का सामना नहीं करना पड़ेेगा।

ओंकारेश्वर का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

विभाग ने ओंकारेश्वर में भी कुटी के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। मैदानी अधिकारियों को कुटी के लिए स्थान तलाश करने और प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, यहां भी देश के हर कौने से साधक भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। दोनों स्थानों पर कुटी निर्माण के बाद ऐसे अन्य स्थान तलाश कर योजना बनाई जाएगी।

इनका कहना है

अमरकंटक में ध्यान कुटी बनाने का प्रस्ताव तैयार हो गया है। जल्द ही मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू कर देंगे। हम हर हाल में दिसंबर 2022 तक कुटी तैयार कर देंगे। वहीं ओंकारेश्वर में भी ध्यान कुटी बनाने पर विचार चल रहा है।

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