भोपाल में ‘नरेंदर.. सरेंडर..’ वाला बयान देने के बाद राहुल गांधी पर भाजपा नेताओं ने पलटवार किया है। मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने तो उन्हें पप्पू कह दिया। सीएम यादव ने कहा कि
इसीलिए तो राहुल गांधी को ‘पप्पू’ कहते हैं। आखिर वह परिपक्व कब होंगे? नेता प्रतिपक्ष मर्यादा छोड़ कर जिस भाव से बोलते हैं, वह न केवल उनकी इज्जत खराब करते हैं, बल्कि देश के संस्कार के विरुद्ध भी बात करते हैं।
बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को भोपाल में भारत-पाक के बीच सीजफायर को लेकर कहा था कि ट्रम्प का एक फोन आया और नरेंदर जी तुरंत सरेंडर हो गए।
राहुल गांधी नादान की तरह बातें कर रहे: सीएम यादव मुख्यमंत्री ने कहा- राहुल गांधी पहले अपनी दादी के लिए जिस प्रकार से जूते पहनकर फूल फेंककर जाते हैं। उसी प्रकार से प्रधानमंत्री जी के लिए उन्होंने जो शब्द बोले हैं। जिस ढंग से ट्रंप की बात की है। एक तरह से यह उनका हल्कापन सबके सामने आता है। मैं कटु शब्दों में उनकी निंदा करता हूं।
सीएम ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना ने जिस प्रकार से पाकिस्तान की हालत खराब की है। दुनिया इस बात को मानती है। उनके दल के सांसद दुनिया में जाकर यह बात कर रहे हैं। वो नादान की तरह बात कर रहे हैं।
सीएम यादव बोले- राहुल गांधी को माफी मांगना चाहिए
नेता प्रतिपक्ष की मर्यादा होती है, बहुत गरिमापूर्ण पद है। लेकिन वो इतने बडे़ व्यक्तित्व के सामने जिस तरह की भाषा मोदी जी को लेकर उपयोग कर रहे हैं। मेरे मन में तो बड़ी निराशा है। हमारे प्रदेश और देश में ऐसी बातों को कोई बर्दाश्त नहीं करता।
जेपी नड्डा बोले- आपके डीएनए में है सरेंडर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- राहुल गांधी, सरेंडर आप करते होंगे। आपकी पार्टी ने किया होगा। आपके नेताओं ने सरेंडर किया होगा क्योंकि आपका इतिहास ही ऐसा रहा है लेकिन भारत कभी सरेंडर नहीं करता। सरेंडर आपकी पार्टी कांग्रेस की डिक्शनरी में है, आपके डीएनए में है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, आपको अपनी पार्टी की सरकारों का कार्यकाल याद करना चाहिए किस तरह आपने इतिहास में ‘सरेंडर’ किया। आपने आतंकवाद के सामने सरेंडर किया, शर्म-अल-शेख में सरेंडर किया, 1971 की लड़ाई जीतने के बाद शिमला में टेबल पर सरेंडर किया, सिंधु जल समझौते में सरेंडर किया, हाजी पीर का दर्रा सरेंडर किया, छम्ब सेक्टर का 160 किमी का इलाका सरेंडर किया, 1962 की लड़ाई में सरेंडर किया, 1948 में सरेंडर किया और यहां तक कि देश की आजादी के समय मुस्लिम लीग के भी सामने सरेंडर किया।
जीतू पटवारी बोले-कोई तो बोले कि ट्रंप ने झूठ कहा इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने बुधवार को एक्स पर बयान जारी कर कहा कि कल भाजपा पर राहुल गांधी ने सवाल खड़ा किया कि पाकिस्तान से सीजफायर क्यों किया। पूरा देश तो समझ रहा था कि पीओके कब्जे वाला हिस्सा लेकर आएगी।
एकाएक अमेरिका के राष्ट्रपति ने ट्वीट करके कहा कि हमने सीजफायर के निर्देश दे दिए। यह बात अमेरिका के राष्ट्रपति ने अलग-अलग मंचों से पूरी दुनिया में कही। इस पर न तो विदेश सचिव ने कुछ कहा। विदेश मंत्री ने भी इसके खिलाफ कोई बयान नहीं दिया। नरेंद्र मोदी ने भी बयान नहीं दिया। इसलिए स्वाभाविक है कि जो ट्रंप बोल रहा है उसमें सच्चाई थी।
उमा ने कहा- सरेंडर और सीजफायर का अंतर समझें राहुल पूर्व सीएम उमा भारती ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए एक्स पर लिखा- आज तक भारत की सेना ने पाकिस्तान के सामने सरेंडर नहीं किया है, राहुल गांधी को इतनी भी अंग्रेजी नहीं आती है क्या? सरेंडर और सीजफायर का अंतर समझें।
भाजपा ने कहा- राहुल गांधी में पद के लायक योग्यता नहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक और ओछी टिप्पणी करके राहुल गांधी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया नेता प्रतिपक्ष जैसे गंभीर पद के लायक योग्यता और परिपक्वता उनके अंदर नहीं है।
‘सरेंडर्स’ के शर्मनाक कारनामे से कैलेंडर्स भरे पड़े हैं सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि 1965 में आपकी सरकार में हाजी पीर का दर्रा जीतने के बाद सरेंडर किया। 1948 में आपकी ही सरकार में आधा कश्मीर सरेंडर दिया और 1947 में आप पार्टी में मुस्लिम लीग के आगे एक तिहाई देश सरेंडर किया।
हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत माता के शेर (मृगेंद्र) की तरह हैं। हमारे ‘नरेंद्र’ भारत मां के ‘मृगेंद्र’ (शेर) हैं और आप आपकी पार्टी आप की सरकार और आपके खानदान के ‘सरेंडर्स’ के शर्मनाक कारनामे आजाद हिन्दुस्तान के अनेक ‘कैलेंडर्स’ से भरे पड़े हैं।
दीया कुमारी ने कहा-इस तरह की टिप्पणी गलत
राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा- इस मुद्दे पर सभी को एक ही स्वर में बोलना चाहिए। दुनियाभर के अलग-अलग देशों में गए संसदीय दल भी अलग-अलग पार्टियों से गए हैं। वहां इनकी पार्टी(कांग्रेस) के भी सांसद गए हैं। सभी ने एक ही आवाज में बोला है लेकिन इस सबके बाद इस तरह की टिप्पणी करना बहुत गलत है। हम एक ही रहें क्योंकि हमारे देश पर हमला(पहलगाम आतंकी हमला) हुआ था। हमने आतंकियों पर सीधा हमला(ऑपरेशन सिंदूर) किया था।




