Friday, August 14, 2026
24.1 C
Bhopal

मां को पैर और बेटे को सिर पर सांप ने डसा

बरसात के मौसम में जमीन पर सोना कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसकी वजह है कि सांप अक्सर सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों में घुस आते हैं। भोपाल की 12 नंबर बस्ती में रहने वाली रेनू (बदला हुआ नाम) और उनका 3 साल का बेटा इसी का शिकार हो गए। दोनों जमीन पर सो रहे थे, तभी जहरीला कॉमन करैत घर में घुस आया और पहले बच्चे को सिर पर और फिर मां के पैर पर काट लिया। हालत गंभीर होने पर दोनों को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 10 दिन तक बच्चा वेंटिलेटर पर रहा। डॉक्टरों की मेहनत और समय पर इलाज से अब मां-बेटे की जिंदगी सुरक्षित है।

बच्चा सांस नहीं ले पा रहा थाशुरुआत में परिजन उन्हें जेपी अस्पताल ले गए, जहां से तत्काल हमीदिया रेफर कर दिया गया। बच्चा अस्पताल पहुंचते ही सांस नहीं ले पा रहा था, इसलिए तुरंत वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। शिशु रोग विभाग की डॉ. पूर्वा गोहिया और उनकी टीम ने तुरंत एंटी-स्नेक वेनम (ASV) देना शुरू किया। शुरुआती असर कम था, इसलिए कुल 40 वायल दवा लगानी पड़ी। चौथे दिन बच्चे ने आंखें खोलीं और धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार हुआ।

सिर पर डंस और हाई ब्लड प्रेशर थी चुनौती सर्पदंश सिर के पीछे हुआ था, जो बेहद असामान्य है। सिर पर सांप के काटने से जहर सीधे दिमाग पर असर करता है। ऐसे में जहर के प्रभावों को कंट्रोल करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसके साथ, जहर के असर से बच्चे का ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया था। सामान्य दवाएं असर नहीं कर रहीं थीं, इसलिए विशेष दवाओं और कैल्शियम ग्लूकोनेट इन्फ्यूजन से ब्लड प्रेशर नियंत्रित किया गया।

टीमवर्क से मिली सफलता डॉ. पूर्वा गोहिया के नेतृत्व में डॉ. क्षिप्रा, डॉ. प्रतिभा, डॉ. विनोधिनी, डॉ. सौम्या, डॉ. शिवांशु और डॉ. कृतिका की टीम ने आईसीयू में 24 घंटे निगरानी रखी। धीरे-धीरे बच्चा सामान्य सांस लेने लगा, बोलने लगा और अब फिजियोथेरेपी से चलने की क्षमता भी लौट रही है।

गोल्डन आवर है सबसे अहम डॉ. गोहिया ने बताया कि यह केस दिखाता है कि समय पर अस्पताल पहुंचना, पर्याप्त ASV डोज़, आईसीयू केयर और टीमवर्क गंभीर सर्पदंश के मामलों में भी जीवनरक्षक साबित हो सकते हैं। बरसात में घर में नीचे या खुले स्थान पर सोते समय खास सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

परिजनों ने कहा जब चौथे दिन बेटे ने आंखें खोलीं तो हमें उम्मीद की किरण दिखी। डॉक्टरों ने लगातार स्थिति की जानकारी दी और उपचार को चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया।

प्रदेश में हर साल ढाई हजार से ज्यादा मौतें

सांप के काटने से मध्यप्रदेश में हर साल ढाई हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 से 2024 यानी 4 सालों में सर्पदंश के कारण करीब 10 हजार 700 लोगों की मौत हुई। हर पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपए सरकारी मुआवजा दिया गया। यानी 427 करोड़ रुपए से ज्यादा का वित्त-भार सरकार पर आया। इतनी लागत से एक 5 मंजिला स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू हो सकता है।

Hot this week

खेत में करंट लगने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत, रातभर शव पड़े रहे

​भोपाल (बिल्खिरिया): बिल्खिरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार रात खेत में...

बिजली बिल बनाने गए कर्मचारी को बंधक बनाकर पिटबुल और रॉटवीलर से कटवाया, 17 जगह आई चोटें

​ग्वालियर: हजीरा थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में बिजली बिल...

जनजातीय विभाग की संचालक IAS नेहा मराव्या के खिलाफ अधिकारी-कर्मचारी सड़क पर, पेन डाउन हड़ताल

भोपाल:जनजातीय क्षेत्रीय विकास परियोजना (TADP) की संचालक और कई...

गाँधी नगर थाना पुलिस ने पकड़ी अवैध शराब, एक तस्कर गिरफ्तार

​स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा व्यवस्था और चेकिंग के दौरान...

Topics

खेत में करंट लगने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत, रातभर शव पड़े रहे

​भोपाल (बिल्खिरिया): बिल्खिरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार रात खेत में...

बिजली बिल बनाने गए कर्मचारी को बंधक बनाकर पिटबुल और रॉटवीलर से कटवाया, 17 जगह आई चोटें

​ग्वालियर: हजीरा थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में बिजली बिल...

गाँधी नगर थाना पुलिस ने पकड़ी अवैध शराब, एक तस्कर गिरफ्तार

​स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा व्यवस्था और चेकिंग के दौरान...

ईवी बस से जनविश्वास शिविर पहुंचे संभागायुक्त और कलेक्टर

​भोपाल ​मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत मुगालिया हाट में आयोजित...

10 लाख से अधिक के राशन गबन का मामला दर्ज

​भिंड: जिले के मिहोना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने...

फर्जी आईएएस बनकर डॉक्टर से 3 लाख ठगने वाला गिरफ्तार

​नरसिंहपुर:मैट्रिमोनियल साइट के जरिए खुद को आईएएस अधिकारी और...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img