मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) की बोर्ड परीक्षा में बारहवीं का शनिवार को हिंदी का पेपर हुआ। पेपर देने के बाद परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी नजर आई। विद्यार्थियों ने कहा कि हर साल हिंदी के पेपर में बहुत अधिक लिखना पड़ता था, लेकिन इस बार बदले पैटर्न पर पेपर आने से आसान रहा। समय पर सभी प्रश्न हल हो गए। हर साल दीर्घउत्तरीय प्रश्न अधिक शब्दों में होने के कारण अधिक लिखना पड़ता था, लेकिन इस बार चार अंक के ही प्रश्न पूछे गए थे। हर बार निबंध पूछा जाता था। इस बार निबंध के बदले अनुच्छेद 120 शब्दों में लिखना था। साथ ही 32 अंक के वस्तुनिष्ट प्रश्न पूछे गए थे। इस कारण पेपर आसान हो गया। विद्यार्थियों ने कहा दो साल बाद परीक्षा हुई, लेकिन पेपर अच्छा आया है। बोर्ड ने जो प्रश्न बैंक और ब्लू प्रिंट जारी किए हैं। उससे ही प्रश्न पूछे जा रहे हैं। विशेषज्ञ ने कहा कि इस बार विद्यार्थियों को 40 फीसद अंक के वस्तुनिष्ट प्रश्न पूछे जा रहे हैं, जबकि 40 फीसद अंक के सब्जेक्टिव प्रश्न और 20 अंक के तार्किक प्रश्न पूछे जा रहे हैं।
पेपर अच्छा गया। सभी प्रश्न सटीक और टू द प्वाइंट पूछे गए थे। सभी प्रश्न अच्छे थे।
– अंजली परमार, छात्रा
हिंदी में निबंध के बदले अनुच्छेद पूछा गया था। इस कारण ज्यादा लिखना नहीं पड़ा।
– अमन राज, छात्र
बहुत सामान्य प्रश्न पूछे गए थे। इस बार दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पांच से छह अंकों का नहीं पूछा गया था। चार अंक के दीर्घउत्तरीय प्रश्न थे।
– त्रिवेणी शरणागत, छात्रा
दो साल से बच्चों की आनलाइन पढ़ाई हुई है। इस बार वस्तुनिष्ट प्रश्न अधिक शामिल किए गए। साथ ही पत्र लेखन, अनुच्छेद जैसे दीर्घ उत्तरीय प्रश्न चार अंक के पूछे गए थे। पेपर आसान रहा।




