कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने मतदाता सूची सुधार कार्यक्रम (SIR) में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि फर्जी सॉफ्टवेयर के माध्यम से विधानसभाओं और मतदाताओं के नाम बदले जा रहे हैं। विधायक सिकरवार ने अपनी ही स्थिति का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची से मैपिंग के दौरान उनका नाम कट गया है। उन्होंने मांग की है कि लापरवाह BLO के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
डॉ. सिकरवार के अनुसार, ग्वालियर पूर्व विधानसभा से विधायक होने के बावजूद, उनका नाम BLO कुणाल पवार द्वारा “15 ग्वालियर विधानसभा” के “भाग संख्या 227” (चार शहर का नाका) में “मतदाता क्रमांक 460” (EPIC No. UYE4892253) पर दर्ज कर दिया गया है। मतदाता केंद्र क्रमांक 272 के BLO ने उन्हें बताया कि उनका नाम 2003 के रिकॉर्ड से मैप किया गया है।
विधायक ने सवाल उठाया कि जब वह “16 ग्वालियर पूर्व विधानसभा” के मतदाता हैं, तो उनका नाम “15 ग्वालियर विधानसभा” में कैसे मैप किया गया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि उनके साथ ऐसा हो सकता है, तो आम मतदाताओं के साथ क्या हो रहा होगा।
डॉ. सिकरवार ने यह भी आरोप लगाया कि BLO, SIR फॉर्मों का डिजिटलीकरण मतदाताओं के सामने नहीं कर रहे हैं। इससे यह सुनिश्चित नहीं हो पाता कि फॉर्मों का डिजिटलीकरण ईमानदारी से हो रहा है।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने फॉर्म का डिजिटलीकरण अपनी उपस्थिति में करवाया, तब BLO के मोबाइल स्क्रीन पर एक नोटिफिकेशन आया, जिससे उन्हें पता चला कि उनकी मैपिंग पहले ही हो चुकी थी।
विधायक का कहना है कि यह SIR कार्य में फर्जीवाड़े का प्रतीक है। उन्होंने मांग की है कि SIR कार्य में लगे लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए, अन्यथा लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से कट सकते हैं।
इस मामले पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, तत्काल सुधार कर दिया गया है। साथ ही, संबंधित BLO को नोटिस भी जारी किया गया है।




