भोपाल के जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस से निकले मीट में गोमांस मिलने के मामले में अब उच्च स्तरीय जांच होगी। अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के आसंदी से आदेश के बाद निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के आयुक्त को पत्र लिख दिया है। इसमें शासन की उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का अनुरोध किया है। इससे निगम के जिम्मेदारों की भूमिका की जांच होगी।
मामले को 1 महीने से ज्यादा बीत चुका है। बावजूद यह शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को तो हिंदूवादी संगठनों ने ही महापौर मालती राय के बंगले का घेराव कर दिया था। वहीं, ‘मुल्ला’ कहकर संबोधित किया था। दूसरी ओर, गुरुवार को हिंदू उत्सव समिति ने स्लॉटर हाउस पहुंचकर पड़ताल की। देर रात स्लॉटर हाउस में अवैध गतिविधियां होने या सबूत छिपाए जाने की खबरों के बाद समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी समेत कई पदाधिकारी-कार्यकर्ता पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस ने किसी को अंदर नहीं जाने दिया।
महापौर को बर्खास्त करने की मांग शुक्रवार को निगम में कांग्रेस के पार्षद संभागायुक्त संजीव सिंह से मिलने पहुंचे। हालांकि, संभागायुक्त तो नहीं मिले, लेकिन वहां के अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के नेतृत्व में पार्षद महापौर राय को बर्खास्त करने की मांग की। पार्षदों का आरोप है कि गौकाशी मामले में जिम्मेदारी भी तय हो। नेता प्रतिपक्ष जकी ने कहा कि जो लोग न तो सही से ड्यूटी करते हैं, न ही पूरे मामले के असली जिम्मेदार हैं, उन्हें जानबूझकर इस प्रकरण में घसीटा गया। कुछ कर्मचारियों को बखार्स्त कर दिया गया। वहीं, कुछ को नोटिस थमा दिए गए।
हकीकत यह है कि जो सब कुछ हुआ, वह मेयर-इन-काउंसिल (MIC) के सदस्यों की जानकारी और सहमति से हुआ, लेकिन जवाबदेही तय करने के बजाय अब 8-9 हजार रुपए की नौकरी करने वाले विनियमित कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया गया है। इस दौरान पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, प्रवीण सक्सेना, जीत सिंह राजपूत, लक्ष्मण राजपूत, जहीर खान आदि मौजूद थे।




