एमपी कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक तिवारी ने इस्तीफा दे दिया है। रतलाम, बालाघाट और सागर में एसपी रह चुके हैं। इस समय नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन (NTRO) में पदस्थ हैं। तिवारी ने कहा कि वे साइबर तकनीकी के मामले में कुछ नया करने की प्लानिंग कर रहे हैं।
दो साल मैनेजमेंट कंपनी में कर चुके काम 6 अप्रैल 1984 को सिवनी में जन्मे अभिषेक ने आईआईएम इंदौर से फाइनेंस में पीजीडीएम किया। उन्होंने आईपीएस बनने से पहले इंजीनियरिंग की डिग्री जबलपुर से हासिल की है। मुंबई में मैनेजमेंट कंपनी में दो साल तक डिप्टी मैनेजर के रूप में काम करने के बाद वे आईपीएस बने हैं। उन्हें राष्ट्रपति के वीरता के पदक से सम्मानित किया जा चुका है। तिवारी 2012 में यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद 2013 में इसके लिए चयनित हुए हैं।
बतौर एसपी पहली पोस्टिंग बालाघाट अभिषेक तिवारी की एसपी के रूप में पहली पोस्टिंग बालाघाट में हुई थी। बालाघाट में उनके अभियान के चलते उन्हें राष्ट्रपति का वीरता पदक दिया गया।
सागर में दीवार गिरने पर पद से हटाया था
एक साल पहले सागर एसपी के रूप में पदस्थ रहे अभिषेक तिवारी को सीएम डॉ. मोहन यादव ने हटा दिया था। यहां बारिश के मौसम में दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई थी। हादसा रहली विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर में हुआ था। सीएम डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट के जरिए कहा था कि कलेक्टर, एसपी और एसडीएम (सागर) को हटाने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद रायसेन एसपी विकास कुमार सहवाल को सागर एसपी और छतरपुर कलेक्टर संदीप जीआर को सागर कलेक्टर बनाया था। हालांकि तब एसपी तिवारी को हटाने की कार्यवाही पर सवाल उठे थे क्योंकि तिवारी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ होने के चलते खुद को रिलीव करने के लिए सरकार से आग्रह कर रहे थे लेकिन सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही थी। सागर में घटना हुई तो तिवारी को हटा दिया गया था।




