भोपाल ईडी ने प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य संचालक डॉ. अमरनाथ मित्तल और उनके सहयोगियों की 9.79 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के अंतर्गत की गई है। अटैच की गई संपत्तियां डॉ. अमरनाथ मित्तल और उनकी पत्नी स्मृति अलका मित्तल के नाम पर हैं। अटैच की गई संपत्तियों में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन बॉन्ड, आवासीय और कृषि भूमि शामिल हैं, जो भोपाल और रायसेन जिलों में स्थित हैं।
ईडी भोपाल जोनल ऑफिस के अनुसार यह जांच लोकायुक्त पुलिस भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई। एफआईआर मित्तल की ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए थे। लोकायुक्त ने यह कार्रवाई 14 साल पहले की थी। मित्तल मूल रूप से छत्तीसगढ़ जिले के बिलासपुर के तखतपुर के रहने वाले हैं।लोकायुक्त की जांच के दौरान मित्तल के पास भोपाल के सतगढ़ी में 50 एकड़ जमीन होने की बात कही गई थी, लेकिन इसे लेकर स्थिति बाद में साफ नहीं हुई। ईडी की जांच में सामने आया कि जांच अवधि के दौरान डॉ. अमरनाथ मित्तल की वैध आय लगभग 60 लाख रुपए थी, जबकि उन्होंने करीब 2.98 करोड़ रुपए की संपत्ति और खर्च इस अवधि तक किए। इस प्रकार लगभग 2.38 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति पाए जाने का दावा किया गया है।
पत्नी और एएन मित्तल के नाम पर खरीदी प्रॉपर्टी ईडी के अनुसार आरोपी ने अपने खुद के नाम के साथ-साथ पत्नी और एएन मित्तल एचयूएफ के नाम पर भी संपत्तियां खरीदीं। ऐसा करके संपत्ति का वास्तविक मालिकाना हक छिपाने और अवैध धन को वैध दिखाने का प्रयास किया गया। जांच में बेहिसाब नकदी, जमा राशि और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं। इसके अलावा एफआईआर दर्ज होने से पहले खरीदी गई संपत्तियों को बेचकर नई चल-अचल संपत्तियों में निवेश करने की बात भी सामने आई है। ईडी का कहना है कि यह राशि अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) है, जिसे वैध दिखाने की कोशिश की गई।




