सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापित 25,602 आदिवासी परिवारों को दिए गए आवासीय भूखंड की रजिस्ट्री अब सरकार कराएगी। इसके लिए इन परिवारों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। इस पर सरकार 600 करोड़ रुपए खर्च करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इसमें 8 विधानसभा क्षेत्र और चार जिलों के विस्थापित शामिल हैं।
विस्थापन के समय इन परिवारों को आवासीय भूखंड के पट्टे दिए गए थे पर रजिस्ट्री नहीं कराई गई थी। रजिस्ट्री को लेकर लगातार मांग उठ रही थी। वहीं कैबिनेट ने धनवाही और बरही सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दे दी है। सरकार ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए कई विभागों की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों का विलय होगा
इसके अलावा सरकार ने राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों को महिला एवं बाल विकास में विलय करने की स्वीकृति दे दी है। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने पहली बार भोपाल में 30 जनवरी को पुष्प महोत्सव आयोजित किया गया। यह केवल फूलों की प्रदर्शनी नहीं बल्कि फूलों के माध्यम से मध्य प्रदेश के किसानों की आमदनी बढाने का एक उत्सव था।
पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण
बैठक में बताया गया कि महाकाल लोक की तर्ज पर पशुपतिनाथ लोक का निर्माण किया गया है। 29 जनवरी को मुख्यमंत्री ने इसका लोकार्पण किया। यह भी बताया गया कि प्रदेश सरकार ने भावांतर योजना का भुगतान 2 माह के अंदर किया। मप्र देश का पहला राज्य है, जिसने भावांतर योजना का पूर्णत: लागू किया।




