इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 30 से ज्यादा मौतें हो गईं। इसके बाद भोपाल में जल सुनवाई, टेस्टिंग और लाइन सुधारने का काम शुरू हुआ। बावजूद न तो पानी की क्वॉलिटी सुधरी और न ही सीवेज में से पानी की लाइन हट पाई है।
इसके चलते शुक्रवार को जोन नंबर-17 में पीने के पानी की लाइन में गंदी बदबू और काला पानी आने की शिकायत मिलने पर कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला पहुंचे। कांग्रेस टीडीएस (टोटल डिसोल्व सालिड्स) मीटर लेकर भी पहुंचे। ताकि, पानी की गुणवत्ता जांची जा सके।

जनता कॉलोनी में स्थिति गंभीर मिली जनता कॉलोनी में कांग्रेसियों ने पाया कि घरों में नगर निगम के वाटर सप्लाई में जरूरत से ज्यादा टीडीएस है। स्थानीय लोगों की गंदे पानी की शिकायत और नगर निगम की जल सुनवाई में मामले का निराकरण नहीं होने के बाद कांग्रेस नेता शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर जल का परीक्षण किया। टीडीएस मीटर से लोगों के घरों में सप्लाई होने वाले पानी की जांच की गई। जिसमें टीडीएस लेवल 200 से 300 के बीच निकला।
शुक्ला ने बताया, हाई टीडीएस क्वॉलिटी वाला पानी पीने से जनता कॉलोनी के लोगों की सेहत खराब हो रही है। किडनी लीवर में स्टोन डेवलप हो रहा है। डॉक्टर की सलाह पर लोग बाजार से पानी खरीदकर पीने के लिए मजबूर हैं।
शुक्ला ने आरोप लगाया कि नगर निगम जल सुनवाई के नाम पर केवल औपचारिकता कर रही है। स्थानीय लोगों के घरों में व्यक्तिगत नल कनेक्शन की पाइप लाइन में शुरुआती 25 मिनट तक काला पानी आता रहता है। जिससे बेहद बदबू आती है।
इस मामले की शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से की गई तो उन्होंने कहा कि ज्यादातर वाटर सप्लाई लाइन नल और सीवेज लाइन के नजदीक से होकर गुजर रही है। 40 साल पुरानी पाइपलाइन जर्जर हो चुकी है, इसलिए शुरुआती पानी में गंदा पानी मिक्स होकर आता है।
शुक्ला ने इस मामले में नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान वार्ड 78 के पार्षद मो रियाज, सैयद उस्मान अली, बाबर खान, मोहम्मद सईद, समीर पठान आदि मौजूद थे।




