पिपलौदा (बछोड़िया): रतलाम जिले के एक सरकारी स्कूल में अनुशासन के नाम पर ‘कैंची’ चलने का गंभीर मामला सामने आया है। पिपलौदा विकासखंड के ग्राम बछोड़िया स्थित शासकीय नवीन हाई स्कूल में दो छात्राओं ने अपनी ही महिला शिक्षक पर चोटी काटने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। घटना 14 फरवरी की बताई जा रही है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
छात्राओं का आरोप: “गीले बाल थे, इसलिए काट दी चोटी”
कक्षा 7वीं की छात्रा ज्योति और मुस्कान के अनुसार, वे एक चोटी बनाकर स्कूल गई थीं। ज्योति का कहना है कि बाल गीले होने के कारण उसने दूसरी चोटी नहीं गूंथी थी। इसी बात से नाराज होकर भावना भाटी मैडम ने कैंची उठाई और उसकी चोटी करीब एक अंगुल तक काट दी। छात्राओं ने घर जाकर परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रशासन का पक्ष: आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
- प्रभारी प्राचार्य शांतिलाल देवड़ा का कहना है कि छात्राओं को केवल दो चोटी बनाकर आने की समझाइश दी गई थी, बाल काटने जैसी कोई बात नहीं हुई।
- बीईओ अभिषेक यादव ने बताया कि मामले की जांच की गई है और छात्राओं ने लिखित में दिया है कि उनकी चोटी नहीं काटी गई।
बयानों में विरोधाभास: डर या दबाव?
हैरानी की बात यह है कि जो छात्राएं पहले वीडियो में चोटी काटने की बात कह रही थीं, उन्होंने बाद में लिखित में इससे इनकार कर दिया। ग्रामीणों और अभिभावकों का सवाल है कि क्या छात्राओं ने किसी दबाव में अपना बयान बदला है? हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी अनिता सागर से इस संबंध में संपर्क नहीं हो सका है।




