इंदौर | शहर में नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए इंदौर क्राइम ब्रांच का अभियान तेज हो गया है। बुधवार को पुलिस ने एमडी (MD) ड्रग्स मामले में फरार चल रहे एक और आरोपी को दबोचने में सफलता हासिल की है।
कैसे गिरफ्त में आया आरोपी?
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई कड़ियों को जोड़ने से सफल हुई:
- पहली गिरफ्तारी: 12 फरवरी को पुलिस ने कासिम खान नामक तस्कर को पकड़ा था।
- पूछताछ का सिलसिला: कासिम से मिले सुराग के आधार पर रिजवान अंसारी (निवासी साउथ टोड़ा) को पकड़ा गया।
- ताजा कार्रवाई: रिजवान ने पूछताछ में हसन अली (निवासी दौलतगंज) का नाम उगला, जिसे बुधवार को टेक्निकल इनपुट और मुखबिर की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले की खास बातें:
- बरामदगी: इस पूरे मामले में अब तक 14 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की जा चुकी है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.40 लाख रुपये आंकी गई है।
- आरोपी का प्रोफाइल: पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी हसन अली केवल पांचवीं तक पढ़ा है और वह मोबाइल या अन्य रिपेयरिंग का काम करता था।
- नेटवर्क पर नजर: पुलिस को शक है कि हसन के पकड़े जाने के बाद ड्रग्स सप्लाई चैन से जुड़े कई और सफेदपोश चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं।




