इंदौर: शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पांच बसों में तोड़फोड़ और स्टाफ के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बस संचालकों ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए आरोप लगाया है कि आरोपी जबरन एजेंट बनकर बसों से अवैध वसूली करना चाहते हैं। मामले में कार्रवाई न होने से नाराज बस संचालकों ने शनिवार को पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
देवास बस यूनियन और चौहान ट्रेवल्स के संचालक धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि उनकी बसें इंदौर-देवास और इंदौर-इच्छापुर रूट पर चलती हैं। आरोप है कि 25 जून को राहुल सोनकर और उसके साथियों ने बस में घुसकर न केवल स्टाफ के साथ मारपीट की, बल्कि तोड़फोड़ भी की। इसके बाद दो दिनों के भीतर चार और बसों को निशाना बनाया गया। घटना के समय बसों में यात्री भी सवार थे, जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
पुलिस पर भी उठाए सवाल
बस संचालकों का कहना है कि राहुल सोनकर और कपिल नाम के व्यक्ति उन पर दबाव बनाकर अवैध वसूली की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भंवरकुआं और तिलकनगर थाने में नामजद शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कमिश्नर ने दिया आश्वासन
शिकायत सुनने के बाद पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बस संचालकों को भरोसा दिलाया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को मामले की समीक्षा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।




