भोपाल:
शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी और जर्जर भवनों के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने गुरुवार को प्रदेशव्यापी ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’ की शुरुआत की। इस दौरान भोपाल समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में छात्रों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर जिला कलेक्टरों के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
अभाविप का आरोप है कि प्रदेश के कई सरकारी कॉलेजों में स्वच्छ पेयजल, साफ शौचालय, फर्नीचर, बिजली, पुस्तकालय और खेल जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। कई कॉलेजों में बाउंड्रीवॉल न होने से परिसर असामाजिक तत्वों का अड्डा बन रहे हैं। संगठन ने भोपाल के एमवीएम कॉलेज का हवाला देते हुए बताया कि वहां स्वच्छता अभियान के दौरान बड़ी संख्या में शराब की बोतलें मिली थीं।
समयबद्ध बजट और सर्वे की मांग
मध्यभारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी और भोपाल महानगर मंत्री आरती ठाकुर ने कहा कि करियर गाइडेंस सेल, कैंटीन और प्रयोगशालाएं ठप पड़ी हैं। यह मामला सिर्फ सुविधाओं का नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य का है। संगठन ने मांग की है कि सभी कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं का तत्काल सर्वे कराया जाए और जरूरत के अनुसार समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर बजट जारी किया जाए। अभाविप ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।




