इंदौर:
मध्य प्रदेश के इंदौर की फैमिली कोर्ट ने भरण-पोषण से जुड़े एक अहम मामले में फैसला सुनाते हुए गरोठ में पदस्थ एसडीएम राहुल चौहान को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी पत्नी निर्मला को हर महीने 20 हजार रुपए भरण-पोषण राशि के रूप में दें। प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश डॉ. कुलदीप जैन ने यह आदेश जारी किया है।
मुख्य बिंदु:
- तारीख से होगी गणना: कोर्ट के आदेशानुसार, यह भरण-पोषण राशि 21 अप्रैल 2023 (आवेदन प्रस्तुत करने की तारीख) से देय होगी। इस अवधि में यदि पहले से कोई अंतरिम भुगतान किया गया है, तो उसका समायोजन (एडजस्टमेंट) किया जाएगा।
- भुगतान की समय-सीमा: पति को हर महीने की 10 तारीख तक यह राशि अनिवार्य रूप से चुकानी होगी।
- पहले भी उठा था विवाद: इस मामले में इससे पहले जुलाई 2026 में अंतरिम आदेश के पालन न होने पर कोर्ट द्वारा वसूली वारंट जारी करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद अब फैमिली कोर्ट ने मुख्य आवेदन पर यह अंतिम फैसला सुनाया है।
- एसडीएम की प्रतिक्रिया: इस संबंध में एसडीएम राहुल चौहान का कहना है कि उन्हें फैमिली कोर्ट के इस नए आदेश की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।




