भोपाल:
न्यू मार्केट में शुक्रवार शाम नगर निगम की मॉकड्रिल के दौरान एक तेज रफ्तार दमकल वाहन का पहिया चढ़ जाने से गंभीर रूप से घायल महिला रानी उपाध्याय (45) को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में महिला के पैर की हड्डी क्रैक हो गई है और एड़ी में गंभीर चोट आने पर डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन कर तारों से कसा है।
यह था पूरा मामला:
शुक्रवार शाम रानी उपाध्याय अपने पति योगेश उपाध्याय के साथ न्यू मार्केट में खरीदारी करने आई थीं। इसी दौरान नगर निगम की टीम मॉकड्रिल कर रही थी। आरोप है कि भीड़भाड़ वाले इलाके में दमकल वाहन बेहद तेज गति से लाया जा रहा था, जिसका पहिया रानी के पैर पर चढ़ गया। हादसे के बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और हॉकर्स ने निगम टीम को घेर लिया था।
निगम अधिकारियों पर लापरवाही और झूठ बोलने का आरोप:
घायल महिला के पति योगेश ने टीटी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि हादसे के बाद निगम का कोई भी अधिकारी सुध लेने नहीं आया, उल्टे अधिकारी यह झूठ बोलते रहे कि महिला ठीक है और घर चली गई, जबकि वे खुद अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों के मुताबिक, रानी को 3 दिन तक ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। यदि यह ऑपरेशन सफल नहीं हुआ, तो दूसरा ऑपरेशन भी करना पड़ सकता है।
शनिवार को बदली रणनीति, सिर्फ अनाउंसमेंट और जब्ती:
शुक्रवार को हुए इस हादसे के बाद शनिवार को नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकलों के जरिए मॉकड्रिल बंद कर दी। फायर ऑफिसर सौरभ पटेल और अतिक्रमण प्रभारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया ने पैदल घूमकर केवल अनाउंसमेंट कराया और दुकानों के बाहर रखा सामान जब्त करने की कार्रवाई की। अतिक्रमण प्रभारी भदौरिया का कहना है कि उन्हें पहले मामूली चोट की सूचना मिली थी, वे पीड़ित परिवार से बात करेंगे।
क्यों हो रही थी कार्रवाई?
गौरतलब है कि गत 8 अक्टूबर को न्यू मार्केट में एक भीषण आग लगी थी, जिसमें तीन लोगों को कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी थी। इसी सुरक्षा और अतिक्रमण के मुद्दों को लेकर निगम द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी लापरवाही का शिकार अब यह महिला हो गई है।



