भोपाल। राजधानी के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी में मंदिर और अस्पताल के नजदीक संचालित शराब दुकान को लेकर मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने भोपाल कलेक्टर को अंतिम चेतावनी देते हुए 20 मार्च तक ठोस कार्रवाई करने और विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर पर गिर सकती है गाज
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत कलेक्टर के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इससे पहले जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के बावजूद दुकान को हटाया नहीं जा सका था, जिसे आयोग ने गंभीरता से लिया है।
नियमों की उड़ रही धज्जियां
चार दिन पहले आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने स्वयं मौके का निरीक्षण किया था। उन्होंने मंदिर के ठीक पास शराब दुकान देखकर हैरानी जताई थी। श्री कानूनगो ने अधिकारियों के उस तर्क को ‘हास्यास्पद’ बताया जिसमें वे भगवान के होने का प्रमाण मांग रहे थे।
रहवासियों की मुख्य शिकायतें:
- दूरी का उल्लंघन: आर्य समाज मंदिर से दुकान की दूरी 50 मीटर से भी कम है।
- असुरक्षा: पास ही अनुश्री चिल्ड्रन हॉस्पिटल है। दुकान के कारण इलाके में नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है।
- महिलाओं का डर: रहवासी विवेक त्रिपाठी और लवनीश भाटी के अनुसार, यह महिलाओं की सुरक्षा और लोगों की धार्मिक आस्था का सीधा उल्लंघन है।
क्या है मांग?
पिछले एक साल से विरोध कर रहे स्थानीय लोगों की मांग है कि इस अवैध आवंटन को तुरंत रद्द किया जाए और दुकान को रहवासी क्षेत्र से बाहर शिफ्ट किया जाए। साथ ही, नियम विरुद्ध दुकान को संरक्षण देने वाले आबकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।




