कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप अब लगातार घटता जा रहा है। इसके साथ-साथ रोज मिलने वाले कोरोना मरीजों की संख्या भी निरंतर कम होती जा रही है। मंगलवार को भोपाल में कोरोना के 574 नए मरीज मिले हैं। कुल 4786 सैंपलों की जांच में इतने मरीजों की पहचान हुई। इस तरह संक्रमण दर 12 फीसदी रही। इससे एक दिन पहले भोपाल में 4548 सैंपलों की जांच में 610 मरीज मिले थे और संक्रमण दर 13.41 प्रतिशत रही थी। मंगलवार को भोपाल में कोरोना के एक मरीज की मौत भी हुई।
एक और राहत की बात यह है कि कोरोना के नए मरीज मिलने की तुलना में स्वस्थ होने वालों की तादाद लगातार बढ़ रही है। नतीजतन, कोरोना के सक्रिय मरीजों का आंकड़ा भी लगातार घट रहा है। भोपाल में कोरोना के फिलहाल 6873 सक्रिय मरीज हैं। इनमें से महज 115 मरीज निजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। बाकी मरीज होम आइसोलेशन में रहते हुए अपना इलाज करवा रहे हैं। भोपाल में कोरोना के अब तक कुल 167549 मरीज मिल चुके हैं।
भोपाल और रानी कमलापति स्टेशन पर अब 3000 से ज्यादा सैंपलों की होगी जांच
बुधवार से भोपाल और रानी कमलापति स्टेशनों पर कोरोना के सैंपल अभी तक के मुकाबले दोगुने करने की तैयारी है। अभी हर दिन दोनों स्टेशनों में करीब 2000 सैंपल की जांच ही की जा रही थी, लेकिन बुधवार से हर दिन 3200 सैंपल जांच करने का लक्ष्य है। इसके लिए टीमें बढ़ाई जा रही हैं। भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अभी संक्रमण कम हुआ है। मरीजों की संख्या कम होने से लोग फीवर क्लीनिक में जांच कराने के लिए भी नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि अब हर दिन 5000 सैंपल की जांच भी नहीं हो पा रही है, जबकि भोपाल में रोजाना 6000 सैंपल की जांच करने का लक्ष्य स्वास्थ्य संचालनालय ने दिया है। स्वास्थ्य विभाग की चिंता है कि लक्ष्य के मुताबिक पर्याप्त जांचें नहीं हुई तो कहीं ऐसा ना हो कि संक्रमण फिर से बढ़ने लगे। बीमारी को जल्दी पकड़ने के लिए लक्ष्य के अनुरूप जांचे होना जरूरी है। दोनों स्टेशनों में हर दिन टीमों की संख्या दुगुनी की जा रही है।




