इंदौर के पंढरीनाथ में मकान निर्माण को लेकर नगर निगम के अफसरों के सामने मारपीट हो गई। इस दौरान दो पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। बाद में सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
पंढरीनाथ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक प्रीति राजानी की शिकायत पर पुलिस ने पायल राजानी, धरमपाल राजानी, उर्वशी कालरा और दीपक कालरा के खिलाफ मारपीट करने और धमकाने को लेकर कार्रवाई की है। प्रीति ने बताया कि वह और बेटा कपिल राजानी अपने बुटिक पर थे।
बेटे कपिल को नगर निगम के अधिकारी मयंक और विनोद अग्रवाल ने कॉल कर बुलाया। प्रीति और उनका बेटा घर पहुंचे, तो नगर निगम के अफसरों ने पेपर मांगे। इस दौरान प्रीति की देवरानी पायल, देवर धरमपाल, रिश्तेदार उर्वशी और दीपक ने कपिल को अपशब्द कहे और मारपीट करने लगे। प्रीति ने रोका तो उसके साथ भी मारपीट की। प्रीति ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने सरिए और ईट से उन पर हमला किया। आसपास के लोगों ने उनकी जान बचाई।
दूसरे पक्ष से उर्वशी कालरा की शिकायत पर प्रीति और उसके बेटे कपिल पर मारपीट का केस दर्ज किया गया है। उर्वशी के मुताबिक उनके पति ने काटजू कॉलोनी में तल मंजिल का हिस्सा खरीदा था। प्रीति आए दिन घर आकर उसी हिस्से को लेकर विवाद करती है।
नगर निगम में उन्होंने शिकायत की। इसकी जांच चल रही है। 3 फरवरी को यहां जब निर्माण कार्य चल रहा था, तब प्रीति और उसका बेटा आया और मजदूरों को काम बंद करने के लिए धमकाया। इस बात पर उन्हें रोका तो दोनों ने मारपीट शुरू कर दी। पहली मंजिल पर रहने वाले पायल और उनके पति धरमपाल बचाव करने आए। उनके साथ भी दोनों ने मारपीट की।




