ग्वालियर में एक कारोबारी से ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म GOLD/DGMCOINFX.COM के माध्यम से ट्रेडिंग में निवेश कराकर 1.41 करोड़ रुपए की ठगी की है। कारोबारी गत्ता फैक्ट्री का संचालक है। कुछ समय पहले फेसबुक पर उसकी एक महिला से दोस्ती हुई थी, जिसने उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग के बारे में जानकारी दी थी। महिला ने खुद को यूके इंग्लैंड में रहने वाली बताकर जाल में फंसाया था।
इसके बाद एक वेबसाइट के माध्यम से कुछ लोगों ने कारोबारी से संपर्क किया। निवेश कराने के बाद शुरुआत में उसे उसके अकाउंट में कुछ मुनाफा दिखाया जाता रहा। लेकिन जब कारोबारी ने राशि निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने कैपिटल गेन टैक्स चार्जेज के नाम पर और पैसों की मांग की।
जब कारोबारी ने यह रकम जमा नहीं की, तो न तो उसकी मूल राशि वापस की गई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया। करीब पांच महीने तक ठग कारोबारी को अपने जाल में फंसाए रहे। मामले में पुलिस ने शनिवार को आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
शहर के गोला का मंदिर स्थित मुरार इन्क्लेव निवासी 75 साल के दुर्गा प्रसाद पुत्र जयनारायण नागर कारोबारी हैं। उनकी ग्वालियर में गत्ता फैक्ट्री है। 2025 में उनकी फेसबुक पर एक महिला से दोस्ती हुई। दोस्ती के बाद उनके बीच बातचीत होने लगी। महिला ने बताया कि वह ऑनलाइन ट्रेडिंग करती है और उससे उसे मोटा मुनाफा होता है। उसकी बातों में आकर वह भी ट्रेडिंग के लिए तैयार हो गए। इसके बाद 19 सितंबर 2025 को कारोबारी को Support@DGMCOINS.VIP नामक ई-मेल के जरिए संपर्क किया गया। संपर्क करने के बाद उनको रुपए इन्वेस्ट करने के लिए मोटा मुनाफा का लालच दिया गया।
बताया गया कि ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म GOLD/DGMCOINFX.COM पर जितना ज्यादा पैसा इन्वेस्ट किया जाएगा, फायदा उतना तगड़ा मिलेगा। उनकी सपोर्ट टीम द्वारा कारोबारी से बार-बार संपर्क किया गया। साथ ही विभिन्न मदों में इन्वेस्टमेंट के लिए कहा गया।
चार बैंक खातों से ट्रांसफर किए 1.41 करोड़ रुपए
करोबारी ने ठगों के झांसे में आकर शहर के प्रमुख बैंकों में स्थित अपने करंट खातों से रुपये ट्रांसफर किए। उसने एक्सिस बैंक सिटी सेंटर शाखा, आईसीआईसीआई बैंक सिटी सेंटर शाखा, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक सिटी सेंटर शाखा और एचडीएफसी बैंक सिटी सेंटर शाखा से, ठगों के बताए अनुसार कुल 1 करोड़ 41 लाख 17 हजार रुपए निवेश किए।
जब दुर्गाशंकर ने अपनी जमा राशि निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने ‘कैपिटल गेन टैक्स’ और अन्य चार्जेज के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी।
पांच माह तक फंसाए रखा
इस प्लेटफॉर्म पर उन्होंने 28 जून से ट्रेडिंग शुरू की, जो 19 नवंबर तक जारी रही। शुरुआत में उन्हें मुनाफा मिला, जिसके बाद वे लगातार पैसे लगाते रहे और दिखाया गया मुनाफा बढ़ता गया। इस दौरान ठग गिरोह लगातार उनसे संपर्क करता रहा और उन्हें मुनाफे की जानकारी देता रहा।
रुपए वापस नहीं मिले, बल्कि फंसाते चले गए करीब डेढ़ करोड़ रुपए गंवाने के बाद भी उनके पैसे नहीं निकले और ठग गिरोह उनसे और रुपयों की मांग करते रहे, जिससे उन्हें शंका हुई और उन्होंने ठगों से बातचीत करने का प्रयास किया तो ठगों ने उनसे बातचीत बंद कर दी।
जिसके बाद वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एसएसपी से शिकायत की। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने मामले की जांच व कार्रवाई के लिए साइबर सेल को निर्देशित किया। जिसकी जांच के बाद साइबर सेल ने मामला दर्ज कर लिया है।
पूरी बातचीत वेबसाइट के जरिए की गई
इससे पहले ठग गिरोह फंसाने के लिए लोगों को टेलीग्राम एप, फेसबुक और वाटसएप के माध्यम से ठगी की वारदात को अंजाम देते थे, लेकिन इस बार ठगों ने फेसबुक, टेलीग्राम और वाटसएप पर बात न करते हुए वेबसाइट पर बातचीत की। बातचीत का तरीका ऐसा लगा कि कारेाबारी भी उनके जाल में फंस गए।
तकनीकी आधार पर छानबीन की जा रही
साइबर सेल पुलिस का कहना है कि मामले की शिकायत मिली है। जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। अब तकनीकी आधार पर छानबीन की जा रही है कि रुपए कहां-कहां और कैसे ट्रांसफर किए गए हैं।




