ग्वालियर कोर्ट के आदेश पर हुई सर्चिंग के दौरान कमल सिंह का बाग इलाके में बड़ी कंपनियों के डुप्लीकेट प्रोडक्ट बनाने का खुलासा हुआ है। चिरायु कंपनी के पोषक तेल सहित कई अन्य नकली उत्पाद यहां बनाए जा रहे थे। कोर्ट कमिश्नर सरताज सिंह की मौजूदगी में पुलिस और कंपनी के वकील ने एक मकान पर छापा मारकर नकली उत्पाद और सामग्री बरामद हुई है।
भारी मात्रा में डुप्लीकेट उत्पाद बरामद आयुर्वेद के क्षेत्र में चिरायु कंपनी एक जाना-पहचाना नाम है। इसका एक लोकप्रिय ब्रांड ‘पोषक तेल’ बच्चों की मालिश के लिए उपयोग किया जाता है। इसी तेल का डुप्लीकेट कमल सिंह के बाग निवासी मंजीत सिंह और योगेश सिंह दहल के घर में बनाया जा रहा था।
चिरायु कंपनी को अपने उत्पादों की डुप्लीकेसी की शिकायतें मिल रही थीं। जांच करने पर पता चला कि ग्वालियर में इस कंपनी के डुप्लीकेट उत्पाद बनाए जा रहे हैं। इसके बाद कंपनी ने कोर्ट में याचिका दायर की।
कोर्ट के आदेश पर कमिश्नर सरताज सिंह की मौजूदगी में पुलिस और कंपनी के वकील ने कमल सिंह के बाग, शिंदे की छावनी स्थित एक मकान पर छापा मारा। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में डुप्लीकेट उत्पाद और उन्हें बनाने का सामान बरामद किया गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दहल बंधु कब से इन नकली उत्पादों का निर्माण कर रहे थे।

कंपनी को कई दिनों से मिल रही थी शिकायत चिरायु फार्मेसी कंपनी के वकील स्वप्निल अग्रवाल ने बताया कि ये डुप्लीकेट उत्पाद उनके सभी डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंच रहे थे, जिसके बाद कंपनी सक्रिय हुई और उसने कोर्ट में केस लगाया था। मार्केट में कंपनी का हूबहू प्रोडक्ट बनाकर मंजीत सिंह और योगेश सिंह सप्लाई कर रहे हैं, जिसकी शिकायत कंपनी को कई दिनों से मिल रही थी।
चिरायु फाॅर्मेसी, ग्वालियर के मैनेजर राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि काफी दिनों से मार्केट में हमारी चिरायु कंपनी द्वारा बच्चों की मसाज के लिए बनाए जाने वाला हेल्थी तेल बनाकर बेचा जा रहा था। इसकी शिकायत हमें कई दिनों से मिल रही थी, हमने कई बार ऐसी कई जगहों को पकड़ा भी था। कमल सिंह के बाग में भी इसी डुप्लीकेट प्रोडक्ट की बनाने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर हमने शिकायत की थी शिकायत के बाद पर यह कार्रवाई हुई है।




