सिवनी हवाला केस में SDOP समेत 11 पुलिसकर्मियों के सस्पेंशन के बाद मंदसौर में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। एसपी विनोद कुमार मीना ने शुक्रवार (17 अक्टूबर) को शामगढ़ थाना प्रभारी धर्मेंद्र शिवहरे समेत 4 पुलिसकर्मियों को ससपेंड कर दिया है। मामला डोडाचूरा तस्करों से रुपयों के लेन-देन और उन्हें छोड़ने से जुड़ा है।
ये कार्रवाई ग्राम आंकली में एनडीपीएस एक्ट के केस और एक अन्य शिकायत के आधार पर की गई है। मामले में टीआई धर्मेंद्र शिवहरे के अलावा सब इंस्पेक्टर अविनाश सोनी, हेड कॉन्स्टेबल दिलीप बघेल और कॉन्स्टेबल मनीष पंवार को सस्पेंड किया गया है। बताया जा रहा है कि तस्करों से 50 लाख की डील की गई थी।

मंदसौर एएसपी टीएस बघेल ने बताया कि करीब दो महीने पहले चार जगह से डोडा चूरा जब्त किया गया था। तस्करों की जानकारी के बारे में जांच चल रही है। इसकी मौखिक शिकायत डेढ़ महीने पहले की गई थी। जांच अधिकारी ने ऑडियो–वीडियो या चैट सामने आने से मना किया है। आरोपियों पर विभागीय कार्रवाई चल रही है।
पहले भी सुर्खियों में रहा तस्करी और पुलिस के गठजोड़ मंदसौर में तस्करी और पुलिस के गठजोड़ का मुद्दा पहले भी सुर्खियों में रहा है। वर्ष 2023 में विधानसभा में 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और तस्करी से जुड़ी 41 शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई थी। निरीक्षक शिवहरे पर भी पहले अफजलपुर थाने में तैनाती के दौरान अफीम-डोडा तस्करों के साथ साठगांठ के आरोप लगे थे। शामगढ़ में भी इसी तरह की शिकायतों के बाद पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई की। 35 से अधिक पुलिसकर्मी जांच के दायरे में हैं।
निलंबन के साथ ही उपनिरीक्षक अभिषेक बोरासी को शामगढ़ थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। एसपी विनोद कुमार मीणा की इस कार्रवाई को जिले को नशीले पदार्थों से मुक्त करने और पुलिस सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह घटना पुलिस की पारदर्शिता और जवाबदेही को भी उजागर करती है।




