इंदौर में एसीपी करण दीप सिंह ने सोमवार रात चेकिंग के दौरान जोनल अधिकारी की स्कॉर्पियो को रोका, जिसमें लाल बत्ती लगी हुई थी। पूछताछ के दौरान वाहन चालक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद मौके पर ही गाड़ी से लाल बत्ती हटवाई गई और युवक पर चालानी कार्रवाई कर उसे छोड़ दिया गया।
एसीपी आजाद नगर इलाके में देर रात चेकिंग व्यवस्था संभाल रहे थे, जब उन्होंने MP09CX2770 नंबर की गाड़ी को रोका। यह गाड़ी प्राइवेट थी, लेकिन उस पर लाल बत्ती लगी हुई थी। जब चालक हर्ष (निवासी धार) से अनुमति के बारे में पूछा गया, तो वह कोई वैध प्रमाण नहीं दे सका। इस पर एसीपी ने तुरंत पुलिसकर्मियों को लाल बत्ती हटाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, हर्ष की शराब की जांच भी करवाई गई, जिसमें वह सही पाया गया, जिसके बाद उसे जाने दिया गया। इसी चेकिंग अभियान के दौरान शराब सेवन को लेकर 5 अन्य गाड़ियों पर चालानी कार्रवाई भी की गई।
बाणेश्वरी लिखी कार से पहले भी हटवाया था सायरन
एक दिन पहले तेजाजी नगर में चेकिंग के दौरान अधिकारी ने बाणेश्वरी लिखी एक इंडेवर कार से सायरन हटवाया था। इस गाड़ी को मोनू खत्री चला रहा था, जो खुद को विधायक का रिश्तेदार बता रहा था। हालांकि, एसीपी करण दीप सिंह ने मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन सायरन हटवाने के बाद मोनू को समझाइश देकर छोड़ दिया गया।




