देशभर के रेस्टोरेंट सेक्टर में टैक्स चोरी के खिलाफ आयकर विभाग (IT) ने अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल हंटर चलाया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से की गई इस कार्रवाई में देशभर के रेस्टोरेंट्स द्वारा करीब 408 करोड़ रुपए की बिक्री छिपाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मध्य प्रदेश भी इस जांच की आंच से अछूता नहीं रहा; भोपाल और इंदौर के दो बड़े रेस्टोरेंट संचालकों के यहाँ 10 करोड़ रुपए की काली कमाई उजागर हुई है।
एआई (AI) ने पकड़ी हेराफेरी
आयकर विभाग ने नवंबर 2025 से ही करीब 1.77 लाख रेस्टोरेंट्स के डेटा का विश्लेषण शुरू कर दिया था। विभाग ने जब उनके असली लेन-देन की तुलना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) से की, तो बड़े पैमाने पर आंकड़ों में अंतर मिला। इसके बाद 8 मार्च को देश के 46 शहरों में एक साथ सर्वे शुरू किया गया।
सॉफ्टवेयर से डिलीट करते थे बिल
जांच में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि टैक्स बचाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा था। भोपाल के मिलन स्वीट्स और इंदौर के नानन सर ढाबा समेत कई जगहों पर ‘पेट पूजा’ जैसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रोजाना की बिक्री का डेटा डिलीट कर दिया जाता था। अधिकारियों ने डिलीट किए गए डेटा को रिकवर कर लिया है, जिससे और भी बड़े खुलासे की उम्मीद है।
63 हजार संचालकों को नोटिस की तैयारी
विभाग ने अब ‘सक्षम नज’ (SAKSHAM NUDGE) अभियान के तहत देश के 63 हजार रेस्टोरेंट संचालकों को नोटिस भेजने का फैसला किया है। इन्हें ईमेल के जरिए चेतावनी दी जाएगी कि 31 मार्च 2026 से पहले अपना अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर दें, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



