इंदौर | शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नर ने बड़ा कदम उठाया है। कमिश्नर के आदेश पर 5 कुख्यात बदमाशों को शहर की सीमा से बाहर (जिलाबदर) कर दिया गया है, जबकि 12 अन्य बदमाशों पर थानों में नियमित हाजिरी देने का प्रतिबंध लगाया गया है।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि अपराधों पर लगाम कसने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
ये बदमाश हुए 1.5 साल के लिए जिलाबदर:
पुलिस ने निम्नलिखित 5 आरोपियों को डेढ़ साल (1 साल 6 माह) के लिए इंदौर की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया है:
- जाहिद (मेवाती मोहल्ला, थाना एमजी रोड)
- विशाल (निवासी जूनी इंदौर)
- गणेश उर्फ टेम्पू (धर्मराज कॉलोनी, थाना एरोड्रम)
- अतीत बौरासी (पाटनीपुरा, थाना एमआईजी)
- अर्जुन भाट (त्रिवेणी नगर, थाना जूनी इंदौर)
थाने में लगानी होगी हाजिरी:
जिलाबदर के अलावा 12 ऐसे बदमाश भी हैं, जिनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उन्हें थानों में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं:
- 1 साल के लिए: अकरम उर्फ अक्की शाह, चंदन जाटव, भारत कंजर, धीरज मेश्राम और संतोष ठाकुर।
- 3 माह के लिए: अरशद मेव, गोविंद गुप्ता, रूद्र गुप्ता, पवन चौरसिया, निशार्थ सरसोदिया और मयंक प्रजापत।
पुलिस की चेतावनी:
एडिशनल डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि यदि जिलाबदर किए गए अपराधी तय अवधि के भीतर इंदौर की सीमा में नजर आए, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदतन अपराधियों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। थानों में हाजिरी देने के आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्त एक्शन लिया जाएगा।”
— राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी (क्राइम)




