राजधानी स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) और हमीदिया अस्पताल परिसर में बाहरी व्यक्तियों द्वारा धार्मिक गतिविधियों और अवैध अतिक्रमण को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) नाराज है। शनिवार को जूडा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस मामले से जुड़ा ज्ञापन भेजा है।
डॉक्टरों ने इसे चिकित्सा शिक्षा और अस्पताल की कार्यप्रणाली में गंभीर बाधा बताया है। एसोसिएशन का कहना है कि यह परिसर एक प्रमुख राज्य स्तरीय चिकित्सा और शिक्षण संस्थान है, जहां केवल स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा का कार्य होना चाहिए। लेकिन पिछले कुछ समय से यहां बाहरी तत्वों के द्वारा धार्मिक आयोजन और असंवैधानिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है, जिससे महिला डॉक्टरों की सुरक्षा, मरीजों की सुविधा और शैक्षणिक माहौल पर विपरीत असर पड़ रहा है।
दरअसल, शुक्रवार को अस्पताल के ब्लॉक-2 के पीछे की बाउंड्रीवॉल पर कुछ लोगों ने हरे रंग से पेंट कर दिया था। इसकी जब अस्पताल के जूनियर डॉक्टर और कर्मचारियों को जानकारी लगी तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कहासुनी और विवाद की स्थिति बन गई। मामला बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस बाउंड्रीवॉल को जूडा और अस्पताल गार्ड की मौजूदगी में फिर सफेद रंग से पेंट किया गया है।

डॉक्टरों ने ज्ञापन में लिखी यह प्रमुख मांगें:
- परिसर में हो रहे धार्मिक अतिक्रमण और बाहरी लोगों की गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
- बिना अनुमति परिसर में प्रवेश करने वालों पर रोक लगे और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए।
- चिकित्सा शिक्षा और मरीजों की देखभाल के माहौल को शुद्ध और सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
अस्पताल के लोग ही अतिक्रमण में शामिल एसोसिएशन ने ज्ञापन में यह भी लिखा कि कुछ आंतरिक लोग भी इन गतिविधियों में सहयोग कर रहे हैं, जिससे संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंच रही है। यह न केवल शैक्षणिक और चिकित्सा सेवाओं में बाधा बन रहा है बल्कि परिसर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय है।
जूडा अध्यक्ष डॉ. कुलदीप गुप्ता और महासचिव डॉ. अंकित स्वामी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेकर कठोर और निर्णायक कदम उठाए जाएं ताकि संस्थान की गरिमा और कार्यसंस्कृति बनी रह सके।
पुराना है अतिक्रमण का विवाद
यह कोई पहला मामला नहीं है, जब हमीदिया अस्पताल परिसर में धार्मिक अतिक्रमण हुआ हो। पिछले साल भी लाइब्रेरी के पास बनी एक मजार को बढ़ाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। उस समय सिटी एसडीएम ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर अतिक्रमण को चिह्नित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन, गांधी मेडिकल कॉलेज, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और अन्य विभागों की संयुक्त बैठक कर कार्रवाई करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
धर्मस्थलों की संख्या में इजाफा
लगभग एक दशक पहले तक हमीदिया अस्पताल परिसर में केवल ऐतिहासिक ढाई सीढ़ी मस्जिद, एक छोटा हनुमान मंदिर, एक मस्जिद और दो छोटी मजारें थीं। लेकिन, बीते दस सालों में यहां तीन नए मंदिर बन गए हैं। उधर, एडमिन ब्लॉक के पास स्थित एक छोटी मजार को अतिक्रमण कर बड़ी मस्जिद में तब्दील कर दिया गया है। जूडा के अनुसार इस तरह से घार्मिक स्थलों की संख्या दो गुना से अधिक बढ़ गई है।




