भोपाल। राजधानी के हबीबगंज इलाके में शुक्रवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बड़ी संख्या में वकीलों ने हबीबगंज थाने का घेराव कर दिया। यह विरोध एडवोकेट सिकंदर सिंह राजपूत के खिलाफ दर्ज की गई ‘एकतरफा’ एफआईआर और पुलिस की बदसलूकी के खिलाफ था। करीब 4 घंटे चले हंगामे के बाद एसीपी के हस्तक्षेप और जांच के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।

विवाद की जड़: बासी सब्जी और मारपीट
घटना गुरुवार रात की है। एडवोकेट सिकंदर सिंह 11 नंबर स्थित ‘घर की रसोई’ होटल में खाना खाने गए थे। उन्होंने परोसी गई सब्जी से बदबू आने की शिकायत की और पैसे वापस मांगे। आरोप है कि होटल संचालक ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और जब उन्हें पता चला कि सिकंदर वकील हैं, तो वे और भड़क गए। संचालक ने अन्य कर्मचारियों को बुलाकर वकील के साथ मारपीट की और उनकी ढाई तोले की सोने की चेन छीन ली।

पुलिस पर गंभीर आरोप
पीड़ित वकील का कहना है कि जब वे शिकायत लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने सिर्फ आवेदन लिया। शुक्रवार दोपहर पता चला कि पुलिस ने उल्टा वकील पर ही एफआईआर दर्ज कर दी है। वकीलों का आरोप है कि थाने में उनके साथ अपराधियों जैसा सुलूक किया गया और उनके फोटो खींचे गए।
प्रशासन का रुख
वकीलों के भारी विरोध को देखते हुए एसीपी उमेश तिवारी ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वकील के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर ‘खात्मा’ (रद्द करने की रिपोर्ट) लगाया जाएगा। साथ ही, पीड़ित वकील की शिकायत पर होटल संचालक और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है।
चेतावनी: एडवोकेट सौरभ स्थापक ने कहा कि यदि वकीलों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो प्रदेश व्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।




