सात दिन की रिमांड में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सवालों से जूझने के बाद सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को साेमवार को विशेष न्यायाधीश (ईडी) सचिन कुमार घोष की कोर्ट में दोपहर 1:22 बजे पेश किया गया। यहां करीब 45 मिनट चली बहस और कार्रवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को 14 दिन (3 मार्च तक) की न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल भेज दिया। बता दें, ईडी ने तीनों की रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग नहीं की।
इधर, लोकायुक्त कोर्ट से भी तीनों की न्यायिक हिरासत को 3 मार्च तक बढ़ाया गया है। कोर्ट में सौरभ शर्मा के वकील राकेश पाराशर ने सौरभ की जमानत के लिए आवेदन पेश किया। इस पर कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगी। चेतन और शरद की ओर से वकीलों ने जमानत का आवेदन नहीं लगाया गया है। दोपहर 1:57 पर तीनों को ईडी के अफसरों के साथ सेंट्रल जेल भेजा गया।

जेल में शरद को दी दवाई… कोर्ट ने तीनों को जेल ले जाने के लिए पुलिस अफसर को तलब किया। यहां अधिकारी ने बताया कि जो जांच एजेंसी कोर्ट लेकर आई थी, वही तीनों को जेल लेकर जाएगी। जेल पहुंचने पर शरद ने बुखार की शिकायत की, उसे जेल के अस्पताल से दवाई दी गई।
समिति का आवेदन निरस्त… कोर्ट में जन समस्या समाधान समिति मप्र ने सौरभ, चेतन और शरद की रिमांड अवधि 7 दिन और बढ़ाने का आवेदन दिया गया था, जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया। समिति का कहना था कि तीनों का पॉलीग्राफी, ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट कराया जाए।
वकीलों को था भरोसा, ईडी नहीं मांगेगी रिमांड… सौरभ, शरद और चेतन के वकीलों को भरोसा था कि ईडी कोर्ट में रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग नहीं करेगी। वजह बताई गई कि ईडी ने मामले में आरोपी बनाए गए सौरभ, चेतन, शरद समेत 9 लोगों और इनके द्वारा संचालित कंपनियों और ट्रस्ट से छापेमारी में मिले दस्तावेजों के संबंध में जवाब तलब किया है। इसके लिए 15 मार्च तक का समय दिया गया है। इसी को लेकर सौरभ के वकील ने सौरभ की जमानत का आवेदन लगाया है। ईडी के नोटिस का जवाब देने के लिए सौरभ को जमानत पर बाहर होना जरूरी है।




