मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयुष्मान निरामयम योजना में आ रही शिकायतों को देखते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अन्य विभागों की योजनाओं की भी निगरानी के लिए विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
रिजल्ट-ओरिएंटेड कार्यशैली अपनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से रिजल्ट ओरिएंटेड कार्यशैली अपनाने की अपील की। विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में सीएम यादव ने कहा है कि विभाग चालू वित्त वर्ष में विभागों को जारी किए गए बजट में वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए बजट का उपयोग करें।
नये वित्तीय वर्ष के बजट में योजनाओं के लक्ष्य के अनुरूप वित्तीय प्रावधान किए जाएं। सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूरा करें जिससे विकास कार्यों को समय पर पूरा कराया जा सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिए कि वे आयुष्मान निरामयम योजना की नियमित रूप से मानिटरिंग करें। सभी जरूरतमंद व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के मामलों में तत्परता और सजगता से कार्रवाई की जाए। सभी पात्र व्यक्तियों के तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाए जाए।
योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी न हो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलग-अलग योजनाओं की अपडेट स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी की जाए।
जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे, इसके लिए विभागों को बेहतर तालमेल और समन्वय बनाकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूंजीगत परियोजनाओं की स्वीकृति समय पर हो तथा इनका क्रियान्वयन भी समय सीमा में ही पूरा करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के आर्थिक संसाधनों के न्यायसंगत वितरण पर जोर दिया और कहा कि वित्तीय नियमावली का पालन करते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों से रिजल्ट ओरिएंटेड कार्यशैली अपनाने और योजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को राज्य के समग्र और तेज विकास के लिए नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया में और तेजी लाने तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी व अधिकतम उपयोग पर बल दिया। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अपनी विभागीय कार्य योजनाओं की जानकारी दी और आगामी वित्त वर्ष के लिए तय किए गए लक्ष्यों की रूपरेखा पर चर्चा की।




