इंदौर। शहर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। लोकनायक नगर में रहने वाले मांगलिया पंप के मैनेजर विजय राठौर के घर अक्टूबर माह में हुई 20 लाख रुपए की चोरी के मामले में पुलिस ने 5 महीने की देरी के बाद मंगलवार रात को एफआईआर (FIR) दर्ज की। हैरानी की बात यह है कि यह कार्रवाई भी तब हुई जब पीड़ित ने थक-हारकर वरिष्ठ अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया।
जांच के नाम पर पांच महीने का ‘टालमटोल’
पीड़ित विजय राठौर का आरोप है कि वे घटना के बाद से ही लगातार थाने के चक्कर काट रहे थे, लेकिन पुलिसकर्मी हर बार आवेदन लेकर जांच का आश्वासन देकर उन्हें लौटा देते थे। पीड़ित के अनुसार, थाने के एक जवान ने तो यहां तक कह दिया कि “एफआईआर लिखाकर क्या करोगे।”
संदिग्ध की जानकारी देने पर भी नहीं हुई कार्रवाई
पीड़ित ने पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति के बारे में भी सुराग दिया था, जिसका मोबाइल घटना के बाद 17 दिनों तक बंद था। बावजूद इसके पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके अलावा, पीड़ित का यह भी आरोप है कि अब एफआईआर दर्ज करते समय पुलिस चोरी गए जेवरों का वजन कम दिखाने का प्रयास कर रही है। फिलहाल, वरिष्ठ अफसरों के दखल के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




