केंद्रीय कृषि मंत्री और विदिशा से सांसद शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर अपनी जमीनी शैली में जनता के बीच उतर आए हैं। अपनी पहचान ‘पांव-पांव वाले भैया’ के रूप में स्थापित कर चुके शिवराज ने शनिवार दोपहर बुधनी विधानसभा के लाड़कुई गांव से अपनी पदयात्रा की शुरुआत की। यह पदयात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकासशील भारत के विजन को जन-जन तक पहुंचाने का उद्देश्य लेकर आरंभ की गई है।
पदयात्रा के पहले चरण में शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। यात्रा प्रत्येक सप्ताह दो दिन चलेगी, और इसके आगे अन्य लोकसभा क्षेत्रों में भी विस्तार की योजना है।
शिवराज की यह यात्रा उनके राजनीतिक जीवन की परंपरा को आगे बढ़ाती है। उन्होंने सबसे पहले अपने गांव जैत से मजदूरों के हक की लड़ाई के लिए पदयात्रा शुरू की थी, जिसके बाद यह उनकी पहचान बन गई। मुख्यमंत्री रहते भी उन्होंने कई बार पदयात्राओं का सहारा लिया, जिसे जनता से सीधे जुड़ने का माध्यम माना गया।
शिवराज सिंह चौहान ने यात्रा की शुरुआत के मौके पर कहा, “यह केवल राजनीतिक पहल नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं से समाधान तक का रास्ता है। जब हम उनके घर जाकर उनकी बात सुनते हैं, तो समाधान की दिशा तय होती है।”
हालांकि, इस यात्रा को लेकर भाजपा की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन केंद्रीय मंत्री के तौर पर शिवराज का यह प्रयास न केवल उनके संसदीय क्षेत्र बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में संदेश देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हाल ही में इस बात पर जोर दे चुके हैं कि केंद्र और राज्य मिलकर ‘टीम इंडिया’ की भावना से काम करें और नीति निर्माण का असर आम आदमी के जीवन में दिखे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान की यह यात्रा किसी तात्कालिक चुनावी तैयारी से अधिक नीतियों के प्रचार और जनता से संवाद की पहल है। उनकी लोकप्रियता और जनसंपर्क शैली को देखते हुए यह अभियान आगामी समय में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।




