भोपाल जिला पंचायत की साधारण सभा की मीटिंग में सरकारी स्कूलों की जर्जर बिल्डिंग का मुद्दा उठा। उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट, सदस्य विनय मेहर, विक्रम बालेश्वर, बिजिया राजौरिया ने यह मुद्दा उठाया। कहा कि कई बिल्डिंग जर्जर है। यहां हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा?
सदस्यों के इस मुद्दे पर डीपीसी आरके यादव ने कहा कि ऐसी बिल्डिंग की जांच करवाई जा रही है। निरीक्षण में डोगरा जागीर में टपकती छत के नीचे बच्चे बैठे मिले। पिपलिया में भी यही स्थिति थी। रात 8 बजे छत की सफाई करवाई। जितने संसाधन है, उनसे काम करवा रहे हैं।
उपाध्यक्ष जाट ने कहा कि सभी स्कूलों का निरीक्षण करें। सदस्य राजौरिया ने कहा कि अभी तो बोल देंगे लेकिन बाद में कोई काम नहीं करेंगे। सदस्य मेहर ने कहा कि पथरिया के स्कूल तालाब में लग रहा है। 3 साल से ऐसा है। 25 साल पुरानी बिल्डिंग है। छत से पानी टपकता है। शासन को मरम्मत करने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल के बच्चे प्राइवेट स्कूल में इसलिए जा रहे कि स्कूल बिल्डिंग जर्जर है। सीईओ इला तिवारी ने कहा कि पथरिया में नई बिल्डिंग बनी है, लेकिन कोई उपयोग नहीं हो रही। यदि कोई और सरकारी बिल्डिंग है तो बच्चों को शिफ्ट करें।
सदस्य भोलेश्वर ने कहा कि भामरा में स्कूल की दीवार गिर चुकी है। सांप भी निकलते हैं। बावजूद टूटे हुए स्कूल में बच्चों को बैठाया जाता है। ऐसी क्या मजबूरी है? डीपीसी आप निरीक्षण करें। बच्चे 10 का पहाड़ा नहीं सुना पाएंगे।

पहले सामान्य प्रशासन हुई, फिर साधारण सभा दोपहर 12 बजे सामान्य प्रशासन समिति की बैठक हुई। इसमें अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर, उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट समेत सदस्य शामिल रहेंगे। वहीं, दोपहर 1 बजे से साधारण सभा की बैठक शुरू हो गई।
इसलिए जरूरी है मीटिंग जानकारी के अनुसार, मीटिंग ही एक ऐसा प्लेटफार्म होता है, जब सभी विभागों के अफसरों से जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य रूबरू होते हैं। पिछली बैठकों में तो उपाध्यक्ष और सदस्यों की अधिकारियों पर भड़ास भी निकली थी।




