भोपाल की एक विशेष अदालत ने शाहजहांनाबाद इलाके में एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची से रेप और हत्या के दोषी अतुल निहाले को तिहरा मृत्युदंड (triple) सुनाया था। आरोपी के परिजन कोर्ट के इस फैसले के विरुद्ध हाई कोर्ट पहुंचे थे।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ ने भी शुक्रवार को इस मौत की सजा को बरकरार रखा है। यह मध्य प्रदेश में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पहला तिहरा मृत्युदंड का मामला था।
आरोपी अतुल निहाले (30 वर्ष) मजदूरी करता था। अदालत ने उसे तीन अलग-अलग अपराधों – अपहरण, बलात्कार और हत्या के लिए मृत्युदंड दिया। जिसे “तिहरा मृत्युदंड” कहा गया है।

मां और बहन को साक्ष्य छिपाने के आरोप में सजा
अतुल को विभिन्न धाराओं के तहत दोहरे आजीवन कारावास की सजा भी मिली है। दोषी की मां बसंती निहाले और बहन चंचल को साक्ष्य छिपाने के आरोप में दो-दो साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
क्या है मामला
मृतक बच्ची 24 सितंबर 2024 को अपने चाचा के फ्लैट से खेलते समय लापता हो गई थी। दो दिन बाद उसका शव आरोपी के घर पानी की टंकी में मिला था। भोपाल कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने इस जघन्य अपराध को “विरलतम से विरलतम” (rarest of rare) श्रेणी का मामला बताया था। कहा था कि अगर मृत्युदंड से भी बड़ी कोई सजा होती, तो वह आरोपी को दी जानी चाहिए थी।




