केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह 13 अप्रैल को भोपाल आएंगे। उनकी मौजूदगी में राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक गोपाल सम्मेलन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में सोमवार को बैठक ली। यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) के बीच एग्रीमेंट के जरिए किसानों-पशुपालकों की जिंदगी बदलने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में बैठक के दौरान 13 अप्रैल को भोपाल में हो रहे राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक गोपाल सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता और गृहमंत्री अमित शाह इस दिन भोपाल आएंगे।
बैठक में सीएम ने यह भी कहा
- किसानों को दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
- किसानों और पशुपालकों को दूध की सही कीमत प्राप्त दिलाई जाएगी।
- श्वेत क्रांति मिशन में हर जिले में सांची डेयरी, मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट, चीलिंग सेंटर की संख्या बढ़ाएंगे।
- दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता का विस्तार कर किसानों की आय में वृद्धि करेंगे।
- अधिकतर ग्रामों में सहकारी समितियों की स्थापना कर दुग्ध उत्पादक किसानों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम से जोड़ेंगे।
- प्रदेश का दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरा स्थान है। सहकारी समितियों को कवरेज बढ़ाकर दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम का पूरा-पूरा फायदा दिलाएंगे।
- सांची ब्रांड के उन्नयन का भी यह ठोस प्रयास है।
- प्रदेश में जहां दुग्ध संघों के संयंत्र पुराने हो गए हैं, वहां नए मॉडर्न संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
- प्रसंस्करण क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन से 30 लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी।




