इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में एक वकील को ब्लैकमेल कर 10 लाख रुपए की मांग करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मंगलवार को एक महिला और उसके दो साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बाणगंगा पुलिस ने नवनीत शर्मा निवासी प्रीमियम पैराडाइज की शिकायत पर साक्षी सेन, उसके साथी सागर और ओम विश्वकर्मा के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और धमकी देने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है।
ऐसे शुरू हुआ मामला
शिकायतकर्ता नवनीत शर्मा ने पुलिस को बताया कि वे पेशे से वकील हैं। 29 जनवरी को उनके पास राजकुमार सेन आया था, जिसने बताया कि उसका अपनी पत्नी साक्षी सेन से विवाद चल रहा है और वह दोनों के बीच समझौता करना चाहता है। इस दौरान उसने अपनी पत्नी से जुड़े कुछ कथित अश्लील फोटो-वीडियो भी दिखाए।
इसके बाद साक्षी सेन अपनी एक सहेली के साथ वकील के कार्यालय पहुंची। उसने बताया कि पति के कहने पर उसने दो युवकों के खिलाफ रेप का मामला दर्ज करवा दिया है, जबकि दोनों निर्दोष हैं। उसने उन युवकों को मामले से बाहर निकालने की प्रक्रिया और फीस की जानकारी ली और चली गई।
धमकी और पैसों की मांग
शिकायत के मुताबिक 31 जनवरी को साक्षी सेन ने वकील को कॉल कर उनके मोबाइल में मौजूद फोटो-वीडियो डिलीट करने को कहा और ऐसा न करने पर रेप के केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद साक्षी ने अपना मोबाइल सागर को दे दिया।
आरोप है कि सागर ने समाज में बदनाम करने की धमकी देते हुए वकील से 10 लाख रुपए की मांग की। वहीं, ओम विश्वकर्मा ने दावा किया कि वे पहले भी इस तरह कई लोगों को फंसा चुके हैं और यदि बचना है तो पैसे देने होंगे।
दो दिन तक परेशान करता रहा गिरोह
वकील के अनुसार आरोपी लगातार दो दिन तक फोन कर धमकाते रहे। मानसिक रूप से परेशान होकर नवनीत शर्मा मंगलवार को बाणगंगा थाने पहुंचे और पुलिस को मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग सुनाई। पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने के बाद पुलिस ने महिला सहित तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस का कहना है कि मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




