Thursday, February 12, 2026
23.1 C
Bhopal

फफूंद लगी दवा के बाद माउथवॉश में कीड़ा

मध्यप्रदेश के 25 से ज्यादा बच्चों की जान लेने वाले कोल्ड्रिफ सिरप के बाद भी अस्पतालों में खराब क्वालिटी वाली दवाएं लगातार सामने आ रहीं हैं। स्थिति यह है कि जेपी अस्पताल में मरीजों को इलाज के नाम पर दी जा रहीं दवाएं खुद ही बीमार हैं। साल 2026 में अभी 9 दिन ही बीते हैं और राजधानी के जिला अस्पताल से मरीजों को खराब दवा देने के दो केस सामने आ चुके हैं।

पहला मामला 3 जनवरी को सामने आया, जिसमें सतीष सेन नाम के युवक ने अस्पताल से फफूंदी लगा दवा मिलने की शिकायत की थी। वहीं, दूसरा मामला 6 जनवरी को सामने आया, जिसमें मनीष नाम के युवक ने माउथ वॉश में कीड़ा निकलने का दावा किया। इन दोनों मामलों को लेकर शुक्रवार को राजधानी के CMHO डॉ. मनीष शर्मा ने एक विशेष दल का गठन किया। यह टीम अस्पताल की फार्मेसी का पूरा स्टॉक चेक कर रही है। डॉ. शर्मा के अनुसार यह प्रक्रिया शाम 7 बजे तक जारी रहेगी।

खराब क्वालिटी की मिली यह दो दवाएं

  • दर्द में दी जाने वाली डिक्लोफेनाक 50 एमजी की टैबलेट
  • गले में दर्द होने पर दिया जाने वाला 50 ML का क्लोरहेक्सिडिन माउथ वॉश IP 0.2% W/V

अधिकारी बोले- मरीज ने की गलत शिकायत

CMHO डॉ. मनीष शर्मा का कहना है कि फफूंदी लगी दवा का जो दावा किया जा रहा है, उसका स्टॉक जेपी अस्पताल में दिसंबर माह में ही खत्म हो गया था। जबकि दूसरी तरफ शिकायतकर्ता से जेपी अस्पताल का स्टाफ खराब गुणवत्ता वाली दवाओं की स्ट्रिप लेकर गया था। वहीं, मरीज से यह दावा किया गया था कि जांच रिपोर्ट आने पर उसकी सूचना दी जाएगी। इस मामले में अब तक कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

माउथ वॉश को लेकर भी जांच कराने का दावा

सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि माउथ वॉश में एक अजीब चीज नजर आ रही है। यह क्या है, इसकी जानकारी जांच के बाद ही हो सकेगी। खराब माउथवॉश का सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजा दिया गया है।

अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी मौन

जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन इस पूरे मामले में चुप हैं। शुक्रवार को दोपहर 1 बजे उनसे मिलने का प्रयास किया गया तो उन्होंने मेडिकल बोर्ड में व्यस्त होने की बात कही। इसके बाद शाम 3 बजे कॉल की गई, उन्होंने रिसीव नहीं किया। इसके बाद उन्हें मैसेज भी भेजा गया है, जिसका कोई जबाव नहीं आया है।

अस्पताल की हर दवा जांच के दायरे में

शुक्रवार को इन मामलों को लेकर उच्च अधिकारियों ने सीएमएचओ और अस्पताल के सिवल सर्जन को जांच के आदेश दिए। जिसके बाद सीएमएचओ कार्यालय से 5 सदस्यीय जांच दल बनाया गया। इसमें फूड एंड ड्रग के अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग के लोग भी शामिल हैं। यह दल अस्पताल में मिलने वाली खाने की सामग्री से लेकर फार्मेसी और ड्रग स्टोर में रही दवाओं का क्वालिटी चेक कर रही है। यह प्रक्रिया शाम 7 बजे तक चलने की बात अधिकारियों के द्वारा कही जा रही है।

स्टोर के स्टाफ के अनुसार, जेपी अस्पताल परिसर में नमी सबसे बड़ी चुनौती है। ड्रग स्टोर से लेकर फार्मेसी तक की दीवारों पर नमी बनी रहती है। इसकी कई बार सिविल सर्जन कार्यालय में शिकायत भी कई गई है।

Hot this week

भोपाल के 30 इलाकों में कल 6 घंटे तक गुल रहेगी बिजली

​भोपाल। राजधानी के करीब 30 प्रमुख इलाकों में शुक्रवार...

भोपाल में सेप्टिक टैंक में मिले बक्से में बंद मिली महिला की लाश

​भोपाल। राजधानी के कमल नगर इलाके में गुरुवार शाम...

करेंसी एक्सचेंज के नाम पर ठगी , नासिक के जालसाज ने भोपाल की युवती से ऐंठे 2.92 लाख

​राजधानी के गांधी नगर इलाके में करेंसी एक्सचेंज के...

Topics

भोपाल के 30 इलाकों में कल 6 घंटे तक गुल रहेगी बिजली

​भोपाल। राजधानी के करीब 30 प्रमुख इलाकों में शुक्रवार...

भोपाल में सेप्टिक टैंक में मिले बक्से में बंद मिली महिला की लाश

​भोपाल। राजधानी के कमल नगर इलाके में गुरुवार शाम...

इंदौर में फैक्ट्री मजदूर की गला रेतकर हत्या, रेलवे पटरी के पास मिला शव

​इंदौर | शहर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में गुरुवार...

चेन्नई एयरपोर्ट पर स्टोर खोलने के नाम पर स्टार्टअप महिला से 66 लाख की ठगी

​बड़ी कार्रवाई: 'विदवेदा' कंपनी के डायरेक्टर पर क्राइम ब्रांच...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img