एक तरफ कोरोना संक्रमण की तीसरी कमजोर पड़ रही है, दूसरी तरफ तीसरी लहर में पहली बार ब्लैक फंगस का मामला सामने आया है। खरगोन की 37 वर्षीय महिला में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। महिला का इलाज इंदौर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
डाक्टरों के मुताबिक, मरीज की सर्जरी की गई है। जिस महीला में ब्लैक फंगस मिला है वह 15 जनवरी को कोरोना संक्रमित पाई गई थी। इंदौर में एक निजी अस्पताल में कोरोना का इलाज कराने के बाद वह खरगोन चली गई थी। वहां उसे सिरदर्द और नाक में समस्या आने लगी। उसने यह बात स्वजन को बताई जिसके बाद उसे वापस इंदौर लाया गया। जांच में पता चला कि उसे ब्लैक फंगस है। डाक्टरों के मुताबिक महिला मधुमेह से भी पीड़ित है। उसकी नाक और जबड़े से संक्रमण को दूर करने के लिए सर्जरी की गई है। उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
1100 से ज्यादा मरीज संक्रमित, दूसरी लहर से 80 से ज्यादा की मौत – ब्लैक फंगस ने कोरोना की दूसरी लहर में जमकर कहर बरपाया था। दूसरी लहर में 11 सौ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आए थे। इंदौर के एमवाय अस्पताल में 800 से ज्यादा मरीजों का इलाज हुआ था। ब्लैक फंगस की वजह से 80 लोगों की मौत भी हुई थी। कोरोना से संक्रमित हुए लोग इस नई बीमारी से भयभीत हो गए थे। सभी को यह डर था कि कहीं यह बीमारी उन्हें न हो जाए। हालांकि यह बीमारी सभी कोरोना पीड़ितों को नहीं हुई थी।




