आंबेडकर पार्क मूंदौल में अहिरवार समाज संघ बमोरी ने 200 समाजजनों के सामने पंचायत बिठाकर सरकारी शिक्षक का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। जबकि कोर्ट से फैसला होना बाकी है, क्योंकि, शिक्षक पर अपनी बहू के साथ छेड़खानी का आरोप है। समाज की पंचायत में चार घंटे तक शिक्षक रोते बिलखते हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गई। समाज से बाहर करने के बाद उसकी पत्नी हरबी बाई का एक लीवर खराब और दूसरा संक्रमित हो गया, लेकिन पंचायत ने अपने निर्णय को नहीं बदला। मंगलवार की सुबह शिक्षक स्कूल से छुट्टी लेकर कलेक्टर के सामने जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाने पहुंचा, उसके बाद एडीएम ने एसडीएम की निगरानी में एक जांच टीम गठित कर दी है। एडीएम ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्राथमिक स्कूल बीलखेड़ा में पिछले 25 वर्ष से पदस्थ मांगीलाल पुत्र देवलाल अहिरवार मंगलवार की सुबह 11.30 बजे जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए. और एडीएम आदित्य सिंह के सामने शिकायती आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। उनका कहना था कि बड़े भाई रामभरोसा, भतीजा रामनारायण और बेटा राजकुमार सहित 150 लोग मूंदौल पार्क में अहिरवार समाज संघ बमोरी में उपस्थित थे। इस दौरान सरकारी शिक्षक के तीन पंचनामा तैयार किए गए, जिसमें उसके ऊपर अपने मझले बेटे राजकुमार की बहू पर छेड़खानी का आरोप था। उधर, शिक्षक का कहना था कि यह प्रकरण न्यायालय में चल रहा है, जहां से जो भी फैसला होगा, वह उसे सर्वमान्य होगा, लेकिन उससे पहले ही अहिरवार समाज संघ बमोरी ने 24 जनवरी 2021 को चार घंटे लंबी चली बैठक में उसे समाज से बहार निकाल दिया गया, जिसके बाद मगरोड़ा गांव से लेकर जिले के किसी भी सामाजिक और वैवाहिक कार्यक्रम में उसे नहीं बुलाया गया। इस कारण शिक्षक और उसकी पत्नी सहित दो बेटे आज मानसिक बीमारी के शिकार हो चुके हैं।
शिक्षक बोला- बेटे और बहू ने मांगे ढाई लाख, नहीं दिए तो लगा दिया झूठा आरोप
शिक्षक मांगीलाल अहिरवार ने कहा कि उसके राजकुमार और बहू लालीबाई ने दो वर्ष पहले ढाई लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन जब पिता ने रुपये देने से मना कर दिया, तो उसके बाद उसके ऊपर छेड़खानी का मामला उसकी बहू ने फतेहगढ़ थाने में दर्ज कराया था। शिक्षक के भाई रामभरोसा ने उसके बाद समाज की पंचायत को जोड़ा। साथ ही रामभरोसा ने 150 पंचनामा
छपवाकर अहिरवार समाज में वितरण किए। शिक्षक का कहना है कि बेटे को मनाने के लिए उसका छोटा बेटा प्रेम सिंह और उसकी मां हरवी बाई घर गई, तो बेटा राजकुमार ने मां के साथ धक्कामुक्की कर दी। छोटे भाई प्रेम सिंह के साथ मारपीट कर दी। इस मामले में कोतवाली में एक बार झूठी शिकायत दर्ज करा दी। हालांकि, पुलिस अधीक्षक से लेकर मानवाधिकार आयोग को शिक्षक ने शिकायत की थी, लेकिन उसके बाद भी न्याय नहीं मिला।
मैंने पंचनामा पर हस्ताक्षर किए, लेकिन अभी बात नहीं कर सकते
बमोरी अहिरवार समाज संघ के अध्यक्ष मुरारीलाल अहिरवार ने कहा कि एक वर्ष पहले मूंदौल पार्क में बैठक का आयोजन किया गया था, जिसमें शिक्षक मांगीलाल को समाज से बहिष्कृत कर दिया था, लेकिन मैंने तो केवल पंचनामा पर हस्ताक्षर किए थे, उनके घरवालों ने भी आरोप लगाए थे। अभी मैं कुछ नहीं कह सकता हूं, क्योंकि मैं मां को छोडने जा रहा हूं, बाद में बात करता हूं।
जिलाध्यक्ष बोले- समाज का निर्णय समझ से परे
अहरिवार समाज के जिलाध्यक्ष कन्हैयाराम अहिरवार ने कहा कि शिक्षक को समाज से गलत तरीके से बहिष्कृत किया है। वे मुझसे मिलने भी आए थे। कोर्ट के निर्णय से पहले समाज से बहिष्कार करना गलता है। यह फैसला मेरी समझ से परे है।
जनसुनवाई में शिक्षक ने आवेदन दिया था, जिसमें समाज द्वारा बहिष्कार करने की बात कही है। इस मामले में एसडीएम की निगरानी में जांच टीम गठित कर दी गई है, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
– आदित्य सिंह, अपर कलेक्टर गुना




