शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के बीच रविवार को 391 नए केस मिले हैं। साथ ही संक्रमण के कारण किसी भी मौत की सूचना नहीं है। पिछले कुछ दिन से हजारों की संख्या में मिल रहे कोरोना संक्रमितों के के बीच आंकड़ा सैकड़ों में आ गया है। इसे राहत के तौर पर देखा जा रहा है। रविवार को कुल 9673 लोगों के नमूनों की जांच की गई, जबकि कोरोना संक्रमण शुरू होने से लेकर अब तक इंदौर में 35 लाख 11 हजार 669 नमूनों की जांच प्रयोगशालाओं में हो चुकी है। इनमें से कुल 2 लाख 4 हजार 647 लोग कोरोना पाजिटिव हो चुके हैं। इंदौर जिले में इस समय 5584 कोरोना संक्रमितों का इलाज चल रहा है।
अस्पताल में कम हुए मरीज
कोविड की दूसरी लहर के मुकाबले इस बार अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कम रही है। पिछले 20 दिन से अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी थी अब इन मरीजों की संख्या में भी अभी कमी आ गई। एमआरटीबी अस्पताल में तीसरी लहर में जहां अधिकतम 40 मरीज भर्ती रहे थे, वहीं अब अस्पताल में सिर्फ 20 मरीज ही उपचार के लिए भर्ती हैं। इनमें भी सिर्फ एक मरीज ही वेंटिलेटर पर हैं। एमआरटीबी अस्पताल में पिछले 15 दिनों में काेविड व अन्य बीमारियों से संक्रमित करीब 10 मरीजों की मौत हुई है।
एमआरटीबी अस्पताल के श्वसन रोग विशेषज्ञ डा. दीपक बंसल के मुताबिक इस बार किसी भी मरीज की कोविड के कारण मौत नहीं हुई। इन मरीजों को हृदय, किडनी व मस्तिष्क रोग सहित अन्य बीमारियां थी उसके कारण मौत हुई है। ज्यादातार 60 वर्ष से अधिक के मरीज ही अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
कोविड के कारण 250 मरीज हुए
अस्पताल में भर्ती अरबिंदो अस्पताल के श्वसन रोग विशेषज्ञ डा. रवि डोसी के मुताबिक विगत तीन माह में कोविड के कारण 200 से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं। हालांकि इनमें ज्यादा मरीज अन्य बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती हुए। वर्तमान में एक बुजुर्ग महिला व पुरुष वेंटीलेटर पर है। इन्हें फेफड़ों में 60 से 80 फीसद तक है। वर्तमान में इनका उपचाार चल रहा है। इस बार कोविड संक्रमित व अन्य बीमारियों से पीड़ित सिर्फ 10 फीसद मरीजों को ही वेंटीलेटर की जरुरत पड़ी।




