स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के तहत भारत सरकार की सर्वेक्षण टीम एक माह बाद सर्वे करने जबलपुर पहुंच रही है। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 6000 अंकों की जगह 7500 अंकों का होगा। लिहाजा नगर निगम इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में जबलपुर को ‘टाप’ पांच में लाने की कवायद में जुट गया है। नवागत निगमायुक्त आशीष वशिष्ठ जहां रोजाना सुबह-सुबह जहां सफाई कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं वहीं मैदानी अमले की भी सुस्ती टूट गई है। शहर की दीवारों की रंगाई-पुताई की जाने लगी है। दीवारों पर स्वच्छता स्लोगन के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। बावजूद इसके अभी शहर में इंदौरियों की तरह ‘स्वच्छता के संस्कार’ नहीं आ पा रहे हैं। लोग अब भी सार्वजनिक स्थलों, खाली प्लाट, नाले-नालियों व सड़क किनारे कचरा फेंक रहे हैं। स्वच्छता की टेर लगाती दीवारें अतिक्रमणकारियों ने ढंक दी है। नगर निगम भी स्वच्छता लाने की कवायद के बीच कचरा, गंदगी फैलाने वालों के चालान काट कर सिर्फ खजाना ही भर रहा है। नगर निगम अब तक ऐसे सैकड़ोें लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई कर चुका है। इससे निगम के खजाने में तीन लाख रुपये से ज्यादा की रकम भी जमा हो चुकी है।
स्वच्छता लाने ये कवायद भी की जा रही :
– दिन के साथ ही रात की सफाई व्यवस्था दुरूस्त की जा रही है।
– शहर के बदरंग जेब्रा क्रासिंग को नए सिरे से पेंट किया जा रहा है।
– निगमायुक्त सहित स्वास्थ्य विभाग का अमला सुबह-सुबह सफाई कार्यों का निरीक्षण कर रहा है।
– कचरा-गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है।
संस्कारधानी के नागरिकों के ऐसे हैं संस्कार :
– स्वच्छता का संदेश देती दीवारें ढंक गई
– दिल्ली से आने वाली सर्वेक्षण टीम को साफ व सुंदर शहर दिखे इसलिए नगर निगम लाखों रुपये खर्च कर शहर की बदरंग दीवारों की नए सिरे से रंगाई-पुताई करवा रहा है। दीवारों को आकर्षक चित्रकारी की जा रही है। स्वच्छता लाने की अपील करने स्लोगन लिखवाए जा रहे हैं।
– लेकिन मालगोदाम इंदिरा मार्केट रोड में फुटपाथ पर कब्जा करने वालों ने स्वच्छता की अपील करती दीवारों को ही ढंक दिया गया हैं। यहीं हाल कलेक्ट्रेट तिराहे, नौदरा ब्रिज, तीन पत्ती, गोरखपुर क्षेत्र का भी है। अतिक्रमण के कारण शहर की सुंदरता भी धूमिल हो रही है।
– स्टेशन रोड से रेलवे स्टेडियम की तरफ जाने वाली सड़क के किनारे कचरे का अंबार लगा हुआ है। आस-पास के लोग घरों का कचरा यहां लाकर फेंक रहे हैं।
– शहर के मध्य सिविक सेंटर चौपाटी की नालियां चोक हो गई है। होटल, रेस्टाेरेंट सहित चौपाटी से निकला कचरा, गंदगी, दूषित खाना नालियों में फेका जा रहा है। जिससे तेज दुर्गंध उठ रही हैं। यहां हरा पर्दा लगाकर कचरा, गंदगी छिपा दी गई है।
इस बार कड़े मापदंड, 7500 अंकों हासिल करने होंगे : शहर में यदि सफाई के यही हाल रहे और लोगों ने सहयोग नहीं किया तो इस बार भी स्वच्छता की परीक्षा में जबलपुर टाप पांच तो क्या 20 वें पायदान पर भी नहीं पाएगा। क्योंकि इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 के तहत स्वच्छता की परीक्षा 7500 अंक की होगी। पिछले सर्वेक्षण में 6000 अंकों की थी। शहरों की सफाई के आंकलन करने के लिए कई नए मापदंड जोड़े गए हैं। इसमें जनता सीधे प्रतिक्रिया लेगी। सर्वेक्षण में सीनियर सिटीजन और युवाओं से अधिक फीडबैक लिया जाएगा।
सर्विस लेवल प्रोग्रेस के इस बार 3000 अंक : पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण में सर्विस लेवल प्रोग्रेस के 2400 अंक निर्धारित किए थे। इस मर्तबा 3000 किया गया है। सर्विस लेवल प्रोग्रेस में प्लास्टिक व पालिथिन पर प्रतिबंध, गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग उठने की व्यवस्था, कूड़े का निस्तारण और सीवरेज की सफाई आदि शामिल है।
सिटीजन वायस के 2250 अंक : सिटीजन वायस के लिए 2250 अंक निर्धारित किए है। पिछली बार ये 1800 अंकों का था। इसमें नया ये है कि इस बार 18 से 30 और फिर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों से ही सफाई की प्रतिक्रिया ली जाएगी कि इसमें घरों से रोजाना कूड़ा उठता है या नहीं, क्या आप गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग कर डालते हैं आदि।
सर्टिफिकेशन के भी 2250 अंक : इसी तरह 2250 अंक सर्टिफिकेशन के निर्धारित किए हैं। पिछले साल 1800 अंक निर्धारित थे। इसके तहत शहर पूरी तरह खुले में शौच मुक्त है या नहीं, ओडीएफ प्लस सर्टिफिकेट व स्टार रेटिंग शामिल है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण इस बार 7500 अंकों का होगा। शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों से कचरा गंदगी न फैलाने की अपील की जा रही है। चालानी कार्रवाई भी की जा रही है। फिर भी नागरिकों का सहयोग जरूरी है।
– भूपेंद्र सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम




