नर्मदा प्राकट्योत्सव पर शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई। ग्वारीघाट मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा, जिसके चलते पैदल आवागमन करने वालों को भी बमुश्किल भीड़ से बाहर निकलने की जगह मिल पाई। हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल व शहर के थानों के अधिकारियों को बुलाना पड़ा। जाम के चलते पुलिस के वायरलैस सेट घनघनाते रहे। काफी देर तक जाम में फंसे लोग यातायात व्यवस्था को कोसते रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिलहरी घाट में नर्मदा दर्शन व स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं को बिलहरी मार्ग की ओर रवाना किया गया।
नर्मदा प्राकट्योत्सव पर सुरक्षा व यातायात व्यवस्था को देखते हुए पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। छोटी लाइन फाटक से ग्वारीघाट तक 900 जवान ड्यूटी पर लगाए गए थे। नर्मदा तटों पर सुबह से श्रद्धालुओं का आवागमन प्रारंभ हो गया था। भीड़ को नियंत्रित कर श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए मेट्रो बसाें के अलावा अन्य भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई थी। बावजूद इसके रात होते-होते ग्वारीघाट मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई।
भंडारा की भीड़ से लगा जाम : बताया जाता है कि बादशाह हलवाई मंदिर के पास कुछ दो जगह भंडारा का आयोजन किया गया। जहां प्रसाद पाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भंडारा स्थलों के पास लगी भीड़ से बचने के लिए कुछ श्रद्धालुओं ने अपने वाहन विपरीत दिशा में मोड़ दिए। जिसके बाद ग्वारीघाट मार्ग पर देखते ही देखते सड़क पर जाम लग गया। पैदल आवागमन करने वालों को भी परेशान होना पड़ा। हालात पर काबू पाने के लिए कलेक्टर इलैया राजा टी व पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा भी मौके पर पहुंचे।




