कोरोना के चलते भोपाल में पिछले दो साल से होली और रंगपंचमी पर पाबंदियां रही थीं। अबकी बार ऐसी कोई पाबंदी नहीं है।राजधानी भोपाल में रंगपंचमी की धूम घर की चौखट से लेकर चौराहे तक है। 2 साल बाद फिर से जुलूस-चल समारोह निकाला जा रहा है। 125 साल पुरानी परंपरा आज फिर जीवंत हो उठी है। रंगपंचमी पर पुराने शहर में राधा-कृष्ण की झांकी निकाली जा रही है। कोलार समेत करीब एक दर्जन इलाकों में भी छोटे-बड़े जुलूस-चल समारोह निकल रहे हैं। इनमें झांकियां, डीजे, ध्वज, घोड़े-ऊंट भी शामिल हैं। हुर्रियरों की टोलियां एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते और नाचते-गाते चल रही हैं।कोरोना के चलते भोपाल में पिछले दो साल से होली और रंगपंचमी पर पाबंदियां रही थीं। इस कारण जुलूस या चल समारोह नहीं निकाले गए थे। अबकी बार ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। इसलिए होली पर श्री हिंदू उत्सव समिति ने पुराने शहर में जुलूस निकाला था और अब रंगपंचमी पर भी झांकियों के साथ जुलूस निकाले जा रहे हैं।




