अजय जैन, विदिशा। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की आशंका के चलते वहां रहे भारतीय विद्यार्थियों में विदिशा की बेटी सृष्टि विल्सन भी शामिल है। उसकी नजरें दिन भर टीवी और मोबाइल फोटो पर टिकी रहती है। इधर विदिशा में सृष्टि के पापा संजय और मम्मी वैशाली विल्सन तनाव में है। वह दिन भर अपनी बेटी की वापसी के लिए दिल्ली स्थित हेल्पलाइन से लेकर राज्य सरकार से मदद की गुहार लगा रही है।
यूक्रेन की राजधानी कीव में मेडिकल की पढ़ाई कर रही सृष्टि से ‘नवदुनिया” ने वीडियो कॉल के जरिये बात की। उसके चेहरे पर दर्द और दहशत साफ झलक रही थी। सृष्टि का कहना था कि कीव शहर में भी डर का माहौल है। सड़क पर चहल- पहल कम हो गई है।
वह खुद बीते पन्द्रह दिनों से घर से बाहर नहीं निकली है। दिन भर टीवी पर यद्ध से जुड़ी खबरें डराने लगी है। मम्मी-पापा दिन में चार से छह बार फोन कर कुशलक्षेम पूछते रहते है। वह कहती है कि यहां मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित अन्य राज्यो के हजारों विद्यार्थी पढ़ रहे है लेकिन इन हालातों में सब दहशत में है।वे अपने परिचित दोस्तों के साथ मिलकर एक- दूसरे को ढांढस बंधा रहे है। विदेश मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां उनकी जानकारी ले रहे है लेकिन भारत वापसी के लिए अभी कोई मदद नहीं मिल रही है।
सृष्टि के मुताबिक भारतीय दूतावास से उन्हें भारत लौटने की सलाह दी जा रही है लेकिन वे निजी खर्च पर जाने की बात कह रही है। इधर, एयरलाइंस ने फ्लाइट का किराया 35 हजार रुपये से बढाकर 70 हजार रुपये तक कर दिया है। उनके जैसे मध्यमवर्गीय परिवारो के लिए यह किराया चुकाना मुश्किल हो रहा है।
इधर, सृष्टि की मां वैशाली विल्सन विदिशा ब्लड बैंक में लैब टेक्नीशियन है। वह दिन भर अपने मोबाइल से बेटी की खैर खबर ले रही है। वैशाली के मुताबिक आज उन्होंने दिल्ली स्थित हेल्पलाइन पर बात की थी, जहां से उन्हें दो टूक कह दिया गया कि वे अपने खर्च पर बेटी को भारत बुला ले। अभी अचानक वे इतनी राशि जुटाने की स्थिति में नहीं है। जब उन्होंने राज्य सरकार से मदद के लिए सीएम हेल्पलाइन पर फोन किया गया तो उन्हें सम्बंधित थाने में शिकायत करने की बात कही गई। हेल्पलाइन पर मौजूद व्यक्ति को यूक्रेन की कोई जानकारी नही थी। वैशाली ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बेटी सहित प्रदेश के विद्यार्थियों को वापस अपने देश लाने की गुहार लगाई है।
चार साल पहले यूक्रेन गई थी सृष्टि
सृष्टि ने बताया कि वह वर्ष 2018 में मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन आई थी। एमबीबीएस में उसका पांचवा साल चल रहा है। कुछ ही दिनों में परीक्षा होना था लेकिन अब विश्विद्यालय भी इस सम्बंध में कोई जानकारी नहीं दे रहा। वह आखरी बार पिछले साल जनवरी में विदिशा आई थी। अब वह जल्दी से वापस आना चाहती है।




