भोपाल। देशभर में मनाए गए 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न भोपाल सेंट्रल जेल के 15 बंदियों के लिए सच्ची आज़ादी का पैगाम लेकर आया। राज्य शासन की ‘जेल रिहाई नीति 2025’ के तहत अच्छे आचरण के चलते इन कैदियों की बाकी सजा माफ कर दी गई है। गुरुवार को रिहा होने वालों में 14 पुरुष और एक महिला बंदी शामिल है। ये सभी आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।
जेल अधीक्षक मनेंद्र सिंह परिहार ने रिहा हुए सभी बंदियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। जेल अधीक्षक परमार ने बताया कि शासन की रिहाई नीति के तहत यह कदम उठाया गया है। उन्होंने सभी कैदियों को अब समाज में एक जिम्मेदार नागरिक की तरह बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
कैदियों ने लिया अच्छे जीवन का संकल्प
सालों बाद जेल की चारदीवारी से बाहर आकर खुली हवा में सांस लेने वाले इन बंदियों की आंखों में एक नई शुरुआत की उम्मीद थी। रिहा हुए बंदी कमलेश बंसी ने बताया कि उन्होंने जेल में पूरा समय अच्छे आचरण के साथ बिताया और अब वे बाहर एक नया और शांतिपूर्ण जीवन जिएंगे।
वहीं, एक हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काटने वाले रामू ने अपनी गलती से सबक लेते हुए कहा कि वह अब समाज की मुख्यधारा से जुड़कर मेहनत-मजदूरी करेंगे। उन्होंने आम लोगों और युवाओं से भी अपील की कि वे किसी भी तरह के अपराध से हमेशा दूर रहें।



